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Unnao News: डंपर की टक्कर से अस्पताल से लौट रहे बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत

Wed, 06 Aug 2025 01:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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चकलवंशी (उन्नाव)। लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती पत्नी को देखकर बाइक से घर लौट रहे किसान और उसके बेटे की लखनऊ में रात एक बजे डंपर की टक्कर से मौत हो गई। हादसा काकोरी-मोहान मार्ग पर लखनऊ के दौलीखेड़ा मोड़ के पास हुआ। वह हेलमेट लगाए थे।
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माखी थाना के हमीरपुर गांव निवासी धर्मपाल रावत (46) की पत्नी सियादुलारी के पेट में गांठ थी। डेढ़ महीने से उनका लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था। 28 जुलाई को ऑपरेशन हुआ था। सोमवार को धर्मपाल, बेटे गोविंद (26) के साथ सोमवार को रात करीब एक बजे बाइक से लखनऊ से गांव लौट रहे थे। काकोरी-मोहान मार्ग पर लखनऊ के दौलीखेड़ा मोड़ के पास तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। धर्मपाल के बड़े बेटे गौतम कुमार ने बताया कि काकोरी थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। धर्मपाल के बड़े बेटे गौतम कुमार ने बताया कि हादसे में पिता-पुत्र की मौत होने की अभी मां को नहीं दी गई है। माखी थानाध्यक्ष योगेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना लखनऊ में हुई है। वहीं पोस्टमार्टम कराया गया है।

सास-बहू का उजड़ा सुहाग
पिता-पुत्र की कमाई से परिवार का खर्च चलने के साथ हो रहा था इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
चकलवंशी। काकोरी-मोहान मार्ग पर हुए दर्दनाक हादसे में सास-बहू का सुहाग एक साथ उजड़ गया। वहीं बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। पिता -पुत्र की कमाई से ही परिवार का खर्च चलने के साथ बीमार महिला का इलाज चल रहा था। हादसे ने परिवार को पूरी तरह से उजाड़ दिया।
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हादसे का शिकार हुए धर्मपाल खेती करते थे, साथ रहा बेटा गोविंद दिल्ली में मजदूरी करता था। बेटे की कमाई से वह पत्नी का इलाज करा रहे थे। वहीं अपनी कमाई से परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। बड़े बेटे गौतम कुमार ने बताया कि वह चार भाई-एक बहन थे। इनमें एक भाई गोकुल को छोड़कर अन्य सभी का विवाह हो चुका है।
उधर पति गोविंद की मौत की जानकारी होते ही मनीषा बेहाल हो गई। वह अपनी दो साल की बेटी राधिका को गोद में लिए बिलखती रही और सदमे से बार-बार बेहोश हो रही थी। वह सभी से सवाल करती रही कि वह किसके सहारे जियेगी, बेटी को कैसे पालेगी। घटना से गांव लोग भी गमगीन हैं। मृतक के बड़े बेटे गौतम ने बताया कि पिता और भाई ही कमाई का सहारा थे।
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