उन्नाव। शहर के मोहल्ला प्रयाग नारायण खेड़ा में शनिवार देर रात एलआईसी एजेंट की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाला कोई नजदीकी ही है। पुलिस परिजनों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि मृतक की परिवार या किसी नजदीकी व्यक्ति से कोई रंजिश तो नहीं थी।
मालूम हो कि शहर के मोहल्ला प्रयाग नारायण खेड़ा निवासी आलोक अवस्थी की शनिवार रात की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय उनकी पत्नी शहर में ही रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के यहां गोदभराई के कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। देर रात करीब दस बजे पत्नी व अन्य परिजन घर पहुंचे तो घर के दरवाजे खुले पड़े थे। आलोक का शव कमरे में फर्श पर पड़ा था। उसके सिर में गोली मारी गई थी।
कमरे में एक खोखा और एक जिंदा कारतूस के अलावा एक तमंचा भी पड़ा था। पुलिस आशंका जता रही है कि हत्यारों की संख्या दो या इससे अधिक रही होगी। घटना की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव, सीओ गोपीनाथ सोनी और कोतवाली एसएसआई एसएन पांडेय मौके पर पहुंचे थे। रात में ही डाग स्क्वायड ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश की। स्निफर डॉग घर के पीछे कब्रिस्तान होते हुए करीब पांच सौ मीटर दूर तक गया मगर आगे दीवार आ जाने से वह वहीं रुक गया।
पुलिस स्निफर डॉग को दूसरे रास्ते से लेकर गई मगर इसके बाद स्निफर डॉग रास्ता भटक गया। हालांकि सूत्रों का दावा है कि स्निफर डॉग ने कई अहम क्लू दिए हैं और उनपर तफ्तीश की जा रही है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि मृतक के पिता विष्णुप्रकाश अवस्थी भी डाक विभाग में एजेंट हैं और आलोक एलआईसी एजेंट के अलावा प्रापर्टी डीलिंग का भी काम करता था।
हो सकता है कि कोई किसी जमीन की खरीद फरोख्त को लेकर रंजिश मानता हो। हालांकि इतना साफ है कि हत्या की इस वारदात में परिवार के किसी सदस्य या किसी ऐसे नजदीकी का हाथ है जिसका अक्सर घर आना जाना रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशुन यादव ने बताया कि पुलिस टीमें सभी संभावित बिंदुओं पर काम कर रही हैं जल्द ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा।