मियागंज ब्लाक के बनौनी गांव में शारदा नहर की खांदी कटने से दर्जनों किसानों की धान, सरसों और सब्जी की करीब दो सौ बीघे फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने करीब बीस लाख से ज्यादा का नुकसान बताया है। कई बार सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग की टीम शाम करीब तीन बजे मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से खांदी बंधवाया। किसानों ने बताया कि एक दो दिन में पानी कम नहीं हुआ तो धान और सरसों की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई।
मियागंज ब्लाक क्षेत्र के बनौनी गांव में गुरुवार रात आसीवन ब्रांच नहर में करीब दस फिट चौड़ी खांदी कट गई। इसे इसी गांव के किसान रामबिलास, रजयपाल, विनय कुमार, अनिल, राधेश्याम, कल्लू, फूलचंद्र, वेदराम, रामकुमार, मुनेश्वर, रविशंकर समेत कई अन्य किसानों की फसल पानी में डूब गईं। सुबह खेतों की ओर पहुंचे किसानों ने अपनी फसल जलमग्न देखी तो होश उड़ गए। लोगों ने क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना दी। कई बार सूचना के बाद सिंचाई खंड के कर्मचारी शाम करीब तीन बजे मौके पर पहुंचे और इसका बाद ग्रामीणों की मदद से बोरियों में मिट्टी भरकर खांदी बांधी। किसानों ने बताया कि धान की फसल में बाली आ गई है इससे अगर एक-दो दिनों में खेतों में भरा पानी कम नहीं हुआ तो पौधे गिर जाएंगें और पैदावार घट जाएगी। इसके साथ ही सरसों की फसल भी खराब हो जाएगी। किसान मनोज, सुंदर, प्रकाश, रामबिलास ने बताया कि उन्होंने अभी हाल में ही गोभी की पौध रोपी थी। लेकिन खेत जलमग्न होने से लाखों की लागत और मेहनत पर पानी फिर गया है। फसल जलमग्न होने से किसानों के चेहरे उतर गए हैं वह मेढ़ों काटकर खेत में भरा पानी निकालने की कवायद में जुट गए हैं।
एक्सईएन बोले कैसा मुआवजा, किसानों ने ही काटी खांदी
नहर खांदी कटने से तबाही की कगार पर पहुंचे किसानों को सरकारी सहायता का भी आसरा टूट रहा है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन राजेश चंद्रा ने बताया कि किसान पानी की कमी को पूरा करने के लिए खांदी काटते हैं और जब ज्यादा कट जाती है तो खेतों में पानी भर जाता है तो दोष विभाग पर मढ़ देते हैं।
अधिकारियों से करेंगे मुआवजे की मांग
ग्राम प्रधान श्याम सुंदर ने बताया कि कई साल से नहर की सफाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंचता और नहर ओवर फ्लो होने पर मिट्टी कटने लगती है और खांदी का रूप ले लेती है। कहा कि किसानों को हुए नुकासन के मुआवजे के लिए एसडीएम को ज्ञापन देंगे। फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो डीएम से शिकायत करेंगे।