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बच्चे की मौत के बाद जागा विभाग

Sat, 19 Dec 2015 12:19 AM IST
अमर उजाला, उन्नाव
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सफीपुर के पावा गांव में गुरुवार को खसरे से एक बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा। शुक्रवार को एसीएमओ के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम गांव पहुंची। यहां खसरे से पीड़ित एक दर्जन बच्चों की जांच के साथ ही उन्हें टीके लगाए। इस दौरान ग्रामीणों के पास टीके लगाए जाने के कार्ड नहीं मिले। अखबार के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी मिलने के कारण एसीएमओ ने आशा को फटकार भी लगाई।
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पावा गांव में दो दिनों से जानलेवा बीमारी खसरे का प्रकोप तेजी से फैला हुआ है।  इस बीमारी से पूर्व प्रधान के पुत्र चंद्रगुप्त की मौत होने के साथ ही दर्जनों बच्चे यहां बीमार हैं। इसमें नवीन(8) पुत्र रामसजीवन, सगुन(3) पुत्री रमाकान्त, अंशिका(4) राममूर्ति, शालू(5) उमाशंकर, पूजा(5) सुशील, शैलेन्द्र(1) अंजनी(3) पुत्र मनोज, आदर्श(6) पुत्र सुरजन, सतेन्द्र(5) शिवा(3) पुत्र चन्द्रपाल, शालिनी(3) पुत्री मनोज कुमार, राज(2) शुसील, अंशिका(1) पुत्री अशोक, हर्षित(2) मनोज, काव्या(1) प्रमोद, सगुन(2) मलखे, मुस्कान(6) सुबेदार, खुशबू(5) कल्लू, हिमांशी(3) विनोद और आशा बहू सरिता का पुत्र छोटू इसकी चपेट में है। ‘अमर उजाला’ में इसकी खबर छपने के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी हरकत में आए और शुक्रवार को एसीएमओ डॉ. आरके गौतम के नेतृत्व में डॉ. नेहा अग्रवाल व न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरीखेड़ा के प्रभारी डॉ. सौरभ पाण्डेय के अलवा अन्य स्वास्थ्य कर्मी गांव पहुंचे और बच्चों की जांच की। इस दौरान एसीएमओ ने महिलाओं से बच्चों के टीकाकरण की जानकारी ली तो किसी के भी कार्ड बने नहीं पाए गए। इस पर उनका पारा चढ़ गया और उन्होंने पीएचसी प्रभारी को गांव में आकर नियमित जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

गांव में नहीं दिखी साफ-सफाई
पावा गांव में खसरा बीमारी का प्रकोप फैलने के बाद भी वहां साफ-सफाई नहीं कराई गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब गांव पहुंची तो वहां बच्चे उसे गंदगी में खेलते मिले। इतना ही नहीं गांव में गंदे जानवर टहल रहे थे। इस पर एसीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को ग्राम प्रधान से मिलकर गांव की साफ-सफाई कराने के भी निर्देश दिए हैं। इस बीमारी में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है।
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खसरे से बचाव के उपाय
- खसरे से बचाव के लिए बच्चों को नौ माह व डेढ़ साल का खसरे का टीका अवश्य लगाएं।
- बुखार आने पर पट्टी करने के साथ ही रोधक क्षमता वाली दवाएं देते रहें।
- विटामिन ए की दवा अवश्य पिलाएं।
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और झाड़फूंक से दूर रहें। 

क्या बोले एसीएमओ........
एसीएमओ डॉ. आरके गौतम ने बताया कि इस बीमार से बचाव के लिए टीके लगवाना अनिवार्य है। बच्चों के टीके लगवाए गए हैं। शनिवार को बच्चों की रक्त स्लाइड कराई जा रही है।
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