बेहटामुजावर। हरदोई में ट्रक की टक्कर से पत्नी व बेटे की मौत के बाद युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गुरुवार देर शाम तीनों शव बेहटामुजावर गांव पहुंचे तो चीख-पुकार मच गई। मौजूद लोगों के आंसू छलक आए। पुलिस की मौजूदगी में घर से करीब 800 मीटर दूर कब्रिस्तान में शव दफनाया गया।
बेहटामुजावर थाना व गांव निवासी सिराज (26) घर के पास गुमटी में पान मसाला बेचाता था। दो साल से मधुमेह और अस्थमा से पीड़ित था। आसीवन पश्चिम निवासी सास सैदुन निशा के पेट में आए दिन दर्द होने से हरदोई के संडीला कस्बा स्थित निजी अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। गुरुवार को सिराज, पत्नी फूलजहां (24) और बेटे अयाज (3) के साथ ऑटो से उन्हें देखने जा रहा था। हरदोई के कासिमपुर क्षेत्र के हरदलमऊ के पास ट्रक की टक्कर से दंपती और अयाज गंभीर घायल हो गया था। स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर ने फूलजहां और अयाज को मृत घोषित कर दिया था। सिराज की इलाज के दौरान मौत हो गई।
शुक्रवार दोपहर बाद तीनों शव गांव पहुंचे। सिराज का विवाह पांच साल पहले फूलजहां से हुआ था। उसके पिता मो. शफी की चार साल पहले और छोटे भाई रफीक की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। पति और बेटे की मौत के गम में मां शकीना ने भी एक साल पहले दम तोड़ दिया था। अब तीन भाई बचे हैं। बड़ा भाई इकरार नोएडा, छोटा भाई नफीस लुधियाना में रहता है, मेराज घर पर भाई और भाभी के साथ रहता था। सिराज और उशका पूरा परिवार खत्म होने से वह अकेला रह गया। मृतका फूलजहां सात भाई-बहनों में चौथे नंबर की थी।
आवासीय योजना से मिले घर में संयुक्त रूप से रहता था परिवार
बेहटामुजावर। भाई मेराज ने बताया कि साल 2013 में प्रधानमंत्री आवासीय योजना से पिता को आवास मिला था। आर्थिक स्थिति सही न होने से सभी एक साथ रहते थे। कभी-कभी सभी भाई दूसरे प्रांतों में मजदूरी करने भी जाते थे। सिराज भी जाता था लेकिन शादी के साथ वह गांव में रहने लगा। पुराना ई-रिक्शा लेकर परिवार पालता था। पहले खुद फिर पत्नी के इलाज में रुपये अधिक खर्च होने से उसने ई-रिक्शा बेच दिया था। अब रिश्तेदारों से रुपये उधार लेकर एक सप्ताह पहले गुमटी रखी थी। बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार ने परिजनों को ढाढ़स बंधाया। कहा कि हर संभव मदद की जाएगी। वहीं, एसडीएम शुभम यादव ने बताया मृतक सिराज के परिवार को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना का लाभ दिया जाएगा। (संवाद)