दहीचौकी स्थित ट्रेनरी का निरीक्षण करते सिटी मजिस्ट्रेट चंदन पटले ।
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उन्नाव/सोनिक। रोक के बावजूद दूषित पानी बहाने पर मगरवारा स्थित एक टेक्सटाइल डाइंग फैक्टरी को एसडीएम ने सील कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में टीम ने सीईटीपी, लोनी ड्रेन और टेनरियों का निरीक्षण किया। इस दौरान गीला काम बंद मिला।
नालों में शहरी और औद्योगिक क्षेत्र का सामान्य पानी बहता मिला। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि टेनरी व स्लाटर हाउस संचालकों सहित सभी कारखाना संचालकों को नियमों का पालन हर हाल में करना होगा। रात के समय निगरानी और बढ़ाई जाएगी।
माघ मेला के तहत प्रदूषण विभाग ने 10 जनवरी की रात से टेनरियों में उत्प्रवाह पूरी तरह बंद करने के निर्देश दिए थे। प्रदूषित उत्प्रवाह करने वाली सभी टेनरियों के आउटलेट भी सील कराए गए थे। हालांकि इसके बाद भी रात के समय दूषित पानी लोनी ड्रेन में बहाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं।
मंगलवार को लोनी ड्रेन का जलस्तर भी बढ़ गया था। सिटी मजिस्ट्रेट ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राजकुमार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ बुधवार शाम को निरीक्षण किया। सबसे पहले सीईटीपी के इनलेट और आउटलेट को चेक किया तो वह सील मिला। इस सीईटीपी में दही चौकी औद्योगिक क्षेत्र की 16 टेनरियां का दूषित पानी आता है। इसे साफ करने के बाद लोनी ड्रेन में छोड़ने का नियम है। इसके बाद टीम ने टेनरियों का निरीक्षण किया।
वहां भी उन्हें सिर्फ सूखा कार्य होते मिला। एसडीएम सदर अक्षत वर्मा ने मगरवारा औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरियों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक टेक्सटाइल डाइंग की शदफ फैक्टरी के वॉयलर में लकड़ी के स्थान पर चमड़ा जलाया जाता मिला। दूषित व रंग युक्त पानी को भी ड्रेन में बहाया जा रहा था। ड्रेन के जरिये दूषित पानी गंगा में पहुंच रहा था। एसडीएम ने फैक्टरी को सील कर दिया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र और औद्योगिक क्षेत्र का ही पानी लोनी ड्रेन में जाते मिला। उन्होंने टेनरी व अन्य फैक्टरी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि अगर कुछ पानी एकत्र भी होता है तो उसे फैक्टरी के होल्डिंग एरिया में ही रखें।