उन्नाव। विकलांग पेंशनरों के फार्मों की जांच में नया खुलासा हुआ है। एक हजार ऐसे पेंशनर सामने आए हैं जिन पर अंदेशा है कि यह सरकार की अलग-अलग पेंशन योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इस खुलासे के बाद विकलांग कल्याण निदेशक लखनऊ ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। अब अधिकारी इन पेंशनरों के फार्मों का सत्यापन करने में जुट गए हैं। सत्यापन के बाद विकलांग पेंशनरों के खातों को आधार कार्ड के साथ लिंक करने की तैयारी है।
जिला विकलांग कल्याण कार्यालय में आठ हजार विकलांग पंजीकृत हैं। जिनकी पेंशन यहां से छह-छह महीने में तीन सौ रुपये प्रतिमाह के हिसाब से खातों में भेजी जाती है। अभी तक आधार कार्ड खातों में लिंक न होने के कारण कई पेंशन धारकों ने अलग-अलग स्थानों के पते फार्मों में भरकर पेंशन के लिए आवेदन कर रखा है। विभाग के अधिकारियों ने जब जांच कराई तो इसका खुलासा हुआ। एक हजार विकलांग पेंशनर ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने अलग-अलग पतों से विकलांग पेंशन योजना के साथ ही समाजवादी पेंशन, महामाया पेंशन व वृद्धा पेंशन योजना के भी फार्म भर रखे हैं। जबकि नियमानुसार सिर्फ एक ही पेंशन का लाभ दिया जाना है।
सत्यापन में खुलासे के बाद विकलांग कल्याण निदेशक के आदेश पर ऐसे विकलांगों की पेंशन रोक दी गई है। साथ ही ये आदेश दिए गए हैं कि सभी पेंशनरों के खातों में आधार कार्ड लिंक कराए जाएं। उसके बाद ही पेंशन जारी की जाए। निदेशक का आदेश मिलने के बाद अब विभाग विकलांगों के आधार कार्ड जमा कराने में लगा है। तीन जून को छुट्टी होने के बाद भी कार्यालय खुला रहा। विकलांगों ने आकर अपना आधार कार्ड जमा किया।
आधार कार्ड लिंक न होने से एक साल से नहीं मिली पेंशन
उन्नाव। भगवंतनगर में रहने वाले दुर्गा शंकर को भी विकलांग पेंशन मिलती है लेकिन दिसंबर 2014 से उनके खाते में पेंशन नहीं पहुंची। बुधवार को वह भी जिला विकलांग कार्यालय में अपना आधार कार्ड जमा करने आए थे। इसके पहले वह कई बार कार्यालय के चक्कर कारट चुके हैं लेकिन पेंशन खाते में नहीं पहुंच रही है।
बिना खाता के ही बैंक में पहुंच गई पेंशन
विकासखंड सुमेरपुर के गांव बिहार में रहने वाले श्रीकांत तिवारी का कहना है कि उन्हें भी वर्ष 2014 में ही विकलांग पेंशन मिली थी। उसमें भी उनका खाता बिहार की आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की शाखा में था, जबकि पेंशन सुमेरपुर की आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की शाखा में पहुंच गई। यह जानकारी उन्हें काफी समय बाद हुई। बाद में उन्हें उस बैंक में खाता भी खुलवाना पड़ा।
वर्जन
आधार कार्ड लिंक कराए जा रहे हैं। जैसी जांच में रिपोर्ट आएगी उसी आधार पर खातों में पेंशन भेजी जाएगी। जिनकी पेंशन खातों में नहीं पहुंच रही है वह कार्यालय में आकर इसकी जानकारी ले सकते हैं कि किस कारण पेंशन रोकी गई है। - एएन सिंह, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी