उन्नाव। निर्मल भारत अभियान के तहत सरकार ने शौचालयों के लाभार्थियों को बड़ी राहत दी है। एक ओर शौचालयों की लागत बढ़ा दी है दूसरी तरफ लाभार्थियों से लिया जाने वाला अंश भी समाप्त कर दिया है। इससे शौचालय बनवाने वाले लाभार्थियों को अपनी जेब से एक भी पैसा नहीं खर्च करना पड़ेगा। सारा खर्च केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगे। अब लाभार्थियों को 10,000 रुपये के स्थान पर 12,000 रुपये मिलेंगे।
अभी तक शौचालय के लिए लाभार्थियों को 10,000 रुपये दिए जाते थे। इसमें 4500 रुपये मनरेगा और 4600 रुपये निर्मल भारत अभियान के तहत मिलते थे। शेष 900 रुपये लाभार्थी को स्वयं लगाने पड़ते थे। गरीब लाभार्थियों को 900 रुपये देने में भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। कई ग्राम पंचायतों में लाभार्थी 900 रुपये तक नहीं दे पाते थे। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने शौचालयों की लागत में इजाफा कर दिया। प्रति शौचालय 2 हजार रुपये बढ़ाए गए हैं, यानि अब शौचालय के लाभार्थियों को 12,000 रुपये दिए जाएंगे। वहीं लोगोें से अब शौचालय के नाम पर एक पैसा भी नहीं लिया जाएगा। 12000 रुपये में 9000 रुपये केन्द्र सरकार और 3000 रुपये प्रदेश सरकार देगी। इसका आदेश जारी कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी संजय बर्नवाल ने शौचालय के लिए बढ़ाई गई धनराशि की पुष्टि की है। बताया कि आदेश आ गया है। अब शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये दिए जाएंगे।
मांगे गए थे 16,000 रुपये प्रति शौचालय
स्थानीय स्तर पर प्रति शौचालय के लिए 16,000 रुपये मांगे गए थे। सूत्रों की मानें तो निर्माण सामग्री की लगातार बढ़ती जा रही लागत से शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली धनराशि काफी कम थी। पूर्व में स्थानीय स्तर से शासन को पत्र भेजकर प्रति शौचालय 16,000 रुपये दिए जाने की मांग की गई थी। इसके बाद भी मांग के अनुरूप धनराशि नहीं दी गई। सूत्रों के मुताबिक, निर्माण के अनुसार लागत न मिलने पर शौचालयों की गुणवत्ता पर असर पड़ता है अब 12000 रुपये प्रति शौचालय की धनराशि कर दी गई है तो उसके हिसाब से ही शौचालय बनवाने पड़ेंगे।
28000 शौचालय निर्माण का है लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2014/15 में 28000 शौचालय निर्माण का लक्ष्य शासन के पास स्वीकृति के लिए भेजा गया है। जिला पंचायतीराज विभाग के मुताबिक, पूर्व में 13400 शौचालयों का लक्ष्य भेजा गया था लेकिन बाद में गंगा के किनारे के गांवों को शामिल करके रिवाइज लक्ष्य 28000 का भेजा गया है। डीपीआरओ का कहना है कि जैसे ही शासन से पैसा जारी होगा वैसे ही लाभार्थियों का चयन कर शौचालयों के निर्माण का काम भी शुरू करा दिया जाएगा।