उन्नाव। बीएसए कार्यालय में कई माह से करीब तीस विद्यालयों की मान्यता की फाइलें लंबित हैं। अधिकारी नियमावली न आने की बात कहकर मामले को टरका रहे हैं। जबकि सूत्रों के अनुसार कई विद्यालय मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं। वहीं, मान्यता न मिलने के बाद भी कई स्कूलों में बच्चों को प्रवेश देकर पढ़ाई शुरू करा दी गई है। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
जिले भर में कई गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनकी फाइलें बीएसए कार्यालय में मान्यता को पड़ी हैं। इतना ही नहीं कुछ विद्यालय मानक को भी पूरा कर रहे हैं, जबकि कई इस कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे। मान्यता न मिलने के बाद भी इन विद्यालयों में बच्चों का प्रवेश लेकर पढ़ाई भी शुरू हो गई है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग चुपचाप बैठा है। अधिकारी सिर्फ छापेमारी करके गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर सख्ती करने की बात कह रहे हैं।
गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों के संचालक बच्चों को साल भर पढ़ाई कराने के बाद उनका पंजीकरण किसी दूसरे विद्यालय में बिना परिजनों को सूचना दिए करा देते हैं। छात्र-छात्राएं जब परीक्षा देने विद्यालय जाते हैं तो उनको इसकी जानकारी होती है। बाद में उन्हें टीसी के लिए भागदौड़ करनी पड़ती है। उधर, अधिकारी विद्यालयों को मान्यता में हो रही देरी के पीछे नई नियमावली न आने को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
इनसेट.......
प्रवेश के पहले करें मान्यता की जानकारी
विद्यालयों में प्रवेश लेने से पहले छात्र-छात्राएं और अभिभावक इस बात की जानकारी जरूर कर लें कि विद्यालयक को मान्यता प्राप्त है कि नहीं। अगर इस बात को आपने गंभीरता से नहीं लिया तो आगे चलकर आपको बड़ी समस्यों का सामना करना पड़ सकता है। हो सकता है कि बच्चे का साल भी बर्बाद हो जाए।
इनसेट......
नियुक्ति के बाद मान्यता पर होगी कार्रवाई
बीएसए डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि मान्यता की फाइलें जमा कराई जा रही हैं। फिलहाल टीचरों की नियुक्तियों पर ध्यान अधिक दिया जा रहा है। नियामवाली आने तक नियुक्तियां भी हो जाएंगी। साथ ही मान्यता वाले विद्यालयों का सत्यापन भी करा लिया जाएगा।
.............................