उन्नाव। जल संरक्षण कार्यक्रम के तहत जिले के सरकारी भवनों में मानसून से पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है। सरकारी भवनों की बात तो दूर नगर पालिका अपने भवन में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगा पाया है। नगर पालिका के अधिकारियों की लापरवाही से बारिश का पानी भूगर्भ में न जाकर नालों में बह रहा है।
भूगर्भ जलस्तर में सुधार के लिए रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम के माध्मय से बारिश का पानी जमा किया जाता है। बारिश के पानी को अधिक मात्रा में भूगर्भ में पहुंचाने के लिए शासन स्तर से सभी सरकारी भवनों में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत जिला प्रशासन ने दो माह पूर्व नगर पालिका प्रशासन को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी। जिला प्रशासन के निर्देश के बाद भी नगर पालिका प्रशासन अब तक किसी भी सरकारी भवन में रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगा पाया है। वहीं रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की योजना नगर पालिका के भवन में भी पूरी नहीं हो पाई है। यह हाल तब है जब अब मानसून का सफर समाप्त होने को पहुंच रहा है।
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क्या है रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
भूगर्भ जलस्तर को बढ़ाने के लिए बारिश के पानी को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के जरिए भवन की छत पर ही जमा किया जाता है। इसके बाद पानी को एक पाइप के जरिए जमीन में बने एक टैंक में स्टोर किया जाता है। जहां से पानी को प्राकृतिक तरीके से फिल्टर कर उसे बोरिंग के जरिए भूगर्भ में भेज दिया जाता है।
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खराब सिस्टम को मरम्मत का इंतजार
जिले के कई सरकारी भवनों में लाखों रुपये खर्च कर कई साल पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाए गए थे। इस बीच मरम्मत के अभाव में वह पूरी तरह से ही खराब हो गए। सरकारी विभाग के अधिकारियों की माने तो जिले के कई सरकारी विभागों में पहले से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे हैं। उन्हें मरम्मत कर प्रयोग में ला सकते हैं।
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टेंडर न होने से रुकी प्रक्रिया
नगर पालिका अधिशाषी अधिकारी रोली गुप्ता ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की योजना बनाई गई थी। योजना को पूरा करने के लिए अभी तक टेंडर प्रक्रिया को पूरा नहीं किया जा सका है। टेंडर होने के बाद ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लगाया जा सकेगा।
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