उन्नाव। दिल्ली से आई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को शहर के दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी की। इस दौरान भारी अनियमितता पकड़ी। आकाशगंगा व सुधीर बाजपेई अल्ट्रासाउंड सेंटर में अल्ट्रासाउंड संबंधित प्रपत्र अधूरे मिले। साथ ही सुधीर बाजपेई अल्ट्रासाउंड सेंटर पर मरीज को भर्ती करने की व्यवस्था न होने के बाद भी पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड होता मिला। इस पर टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन सीज कर दी।
स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय केंद्रीय टीम ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विजय शंकर दुबे के साथ शहर के शाहगंज स्थित डॉ. सुधीर बाजपेई अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच की। टीम ने सबसे पहले अल्ट्रासाउंड संबंधी प्रपत्र व पिछले दो वर्ष के रिकार्ड दिखाने को कहे। सेंटर संचालक डॉ. सुधीर बाजपेई दो वर्ष के रिकार्ड नहीं दिखा सके। वहीं उनके प्रपत्र भी पूरे नहीं थे। साथ ही मरीज को भर्ती करने की जगह न होने के बाद भी पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड करने पर टीम ने मशीन सीज कर दी। केंद्रीय टीम ने बताया कि डॉ. सुधीर बाजपेई के जांच केंद्र पर पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड किया जा रहा था। टीम ने बताया कि यह मशीन वहीं प्रयोग की जा सकती है जहां मरीज को भर्ती करने की व्यवस्था हो। आकाशगंगा में भी टीम को अल्ट्रासाउंड संबधी प्रपत्र पूरे नहीं मिले। साथ ही आकाशगंगा जांच केंद्र पर फार्म एफ पर डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं मिले। यहां पर भी अल्ट्रासाउंड मशीन सीज कर दी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भेजी गई केंद्रीय टीम में कंसल्टेंट भारत सरकार डॉ. अनीसुररहमान, डॉ. इंद्रजीत धनकर सर्जन पानीपत, डॉ. पुष्पा बिष्नोई सर्जन गुड़गांव व रमाधार संयुक्त निदेशक परिवार कल्याण शामिल रहे।
आशा व एएनएम के रेफरल पर होते मिले अल्ट्रासाउंड
उन्नाव। आकाशगंगा जांच केंद्र में टीम को आशा बहू व एएनएम के रेफरल (रेफर करने वाले पेपर) पर अल्ट्रासाउंड होते मिले। बताया जा रहा है कि जांच फीस में 30 फीसदी कमीशन के फेर में आशा बहू और एएनएम गर्भवती को जबरन जांच के लिए यहां भेज रही थीं। केंद्रीय टीम ने डीएम को एक रिपोर्ट भेजी है। डीएम की ओर से आशा बहू व एएनएम को नोटिस भेजी जा रही हैं।