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महिला उत्पीड़न मामलों में हो कड़ी कार्रवाई

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उन्नाव। राज्य महिला आयोग सदस्या के जन सुनवाई में मात्र 11 वादकारी ही पहुंचे। उन्होंने सदस्या असमा सिद्दीकी को अपनी शिकायतें बताईं और प्रार्थनापत्र सौंपे। सदस्या ने सभी प्रार्थनापत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए।
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सोमवार को सुबह 10 बजे राज्य महिला आयोग की सदस्या असमा सिद्दीकी पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस पहुंची। उन्होंने पुलिस प्रशासनिक अफसरों के साथ बैठक की और महिला उत्पीड़न के मामलों और उनके निस्तारण की प्रगति की जानकारी हासिल की। इस दौरान सदस्या के सामने 11 वादकारी उपस्थित हुए। औरास के उत्तम सिंह ने अपनी पुत्री वर्तिका की शादी 17 जून 2011 को शाहजहांपुर के गांव सिनौठा के रहने वाले अमन प्रताप सिंह से की थी। वर्तिका ने बताया कि कुछ दिनों बाद उसे दहेज के लिए पति प्रताड़ित करने लगा। मारपीट से तंग आकर वह अपने पिता के पास आ गई। इसके बाद थाने की शरण ली। तब से आज तक पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। सदस्या ने मामले को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके अलावा चौबेपुर, हरदोई समेत अन्य जिलों की महिलाएं भी सदस्या के पास पहुंची और शिकायतें दर्ज कराईं। सदस्या ने डीएम व एसपी से भी मुलाकात करके महिला उत्पीड़न के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करने को कहा।
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जागरुकता के लिए लगेगा शिविर
उन्नाव। महिलाओं को हिंसा से बचाने के लिए समाज में आगे आना होगा। बगैर समाज की सोच को बदले बिना महिलाओं के प्रति अपराध कम करने के प्रयास विफल हो जाएंगे। महिलाओं को खुद अपने अधिकारों के प्रति जागरुक होना होगा। तभी उत्पीड़न की घटनाओं में कमी आएगी। ये बातें राज्य महिला आयोग की सदस्या असमा सिद्दीकी ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जागरुक करने के लिए सभी जनपदों में तीन दिवसीय जन जागरुकता कार्यक्रम चलाया जाएगा। बताया कि प्रदेश सरकार ने बसों की आगे की सीटें महिलाओं के आरक्षित कर दी हैं। एक सवाल के जवाब में सीओ सिटी शशिशेखर ने बताया 2012 में महिला उत्पीड़न के 613 मामले आए जिनका निस्तारण कर दिया गया। इसके अलावा 2013 में 797 में 710 का निस्तारण हो गया। इस साल आठ दिन में 38 मामले आ चुके हैं। जिनके निस्तारण का प्रयास चल रहा है।
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