हसनगंज के मुन्नीखेड़ा में राजकीय नलकूप में लगा ताला
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सूखा से जल स्तर में गिरावट से शहर व देहात इलाकों में पेयजल का संकट गहरा गया है। लोगों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है। किसान सिंचाई के लिए परेशान हैं। ऐसे में सीडीओ की ओर से कराए गए नलकूपों के सत्यापन ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी है। जिले की छह तहसीलों में लगभग एक सैकड़ा सरकारी नलकूप हैं। इनमें 80 प्रतिशत से ज्यादा बंद मिले हैं।
जिले की छह तहसीलों में 98 राजकीय नलकूप हैं। इनमें से 82 नलकूप बंद हैं। इसकी जानकारी खुद नलकूप विभाग को नहीं है। पिछले दिनों जिला पंचायत की बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने इस मामले को उठाया था। इस पर मुख्य विकास अधिकारी संजीव सिंह ने सभी एसडीएम को पत्र भेजकर राजकीय नलकूपों की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांग ली। रिपोर्ट चौंकाने वाली है। 98 नलकूपों में 82 को यांत्रिक और विद्युत दोष से बंद बताया गया। नलकूप बंद होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि नलकूप चलते तो आसपास के तालाबों व पोखरों में पानी भराया जा सकता था।
हसनगंज तहसील क्षेत्र में 14 नलकूप ही चालू
हसनगंज जिले की इकलौती तहसील है, जहां 46 नलकूपों में 14 चल रहे हैं। 32 यांत्रिक और विद्युत दोष से बंद हैं। इनमें से तीन की बोरिंग फेल हो चुकी है। बिजली आपूर्ति न मिलने से 11 नलकूप बंद हैं। एक नलकूप की मोटर फुंकी है। सदर तहसील में तीन नलकूपों की मोटर फुंकी है। सात नलकूप यांत्रिक दोष और दो विद्युत दोष से बंद हैं। बीघापुर में नौ नलकूप यांत्रिक खराबी से बंद हैं। सफीपुर में दो नलकूपों की बोरिंग खराब है। दो नलकूप अन्य यांत्रिक दोष से प्रभावित हैं। बांगरमऊ में 14 नलकूप मोटर जलने से बंद हैं। एक नलकूप की पाइप लाइन खराब हो गई है।
कमियों को दूर करने के दिए गए आदेश
बंद नलकूपों को दुरुस्त कराने के लिए बिजली और नलकूप विभाग के एक्सईएन को निर्देश दिए हैं। ठीक किए गए नलकूपों का नाम, नंबर व इनसे पानी निकलने की स्थिति के फोटोग्राफ /वीडियोग्राफी की सीडी मांगी गई है।
संजीव सिंह, मुख्य विकास अधिकारी