उन्नाव। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में तीन बार समयावधि बढ़ने के बाद सर्वे पूरा हो गया है। करीब 85 हजार लोगों ने पक्के आवास के लिए आवेदन किया है। अब इन आवेदनों का सत्यापन होगा और शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
दिसंबर 2024 में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए सर्वे शुरू हुआ था। शुरुआत में अंतिम तारीख 28 फरवरी 2025 निर्धारित की गई थी। जिसे बढ़ाकर 31 मार्च और फिर 30 अप्रैल किया गया था। इसके बाद तीसरी बार सर्वे की तारीख बढ़ाकर 15 मई कर दी गई थी। अब यह समयावधि भी बीत चुकी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने विभागीय साइट भी बंद कर दी है। अब सर्वे पूर्ण मान लिया गया है।
करीब पांच माह के सर्वे में 85 हजार लोगों के आवेदन आए हैं। इसमें सेल्फ सर्वे और विभागीय कर्मियों द्वारा कराए गए आवेदन भी शामिल किए गए हैं। परियोजना निदेशक डीआरडीए तेजवंत सिंह ने बताया कि सर्वे के बाद अब सूची में शामिल किए गए नामों का सत्यापन भी किया जाएगा। इसके बाद फाइनल सूची मुख्यालय भेज दी जाएगी। वहां से केंद्र सरकार के पास लिस्ट जाएगी। फिर लाभार्थियों के जारी लक्ष्य के सापेक्ष आवास के लिए बजट जारी होगा।
तीन किस्तों में दिए जाते हैं 1.20 लाख
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थी को तीन किस्तों में 1.20 लाख रुपये दिए जाते हैं। सभी किस्त 40 हजार रुपये की जारी होती हैं। 12 हजार शौचालय निर्माण व मनरेगा के तहत 90 दिन की मजदूरी अलग से दी जाती है।