अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानसिक बीमार बच्चों के लिए दिव्यांगता जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। नोडल अधिकारी डा. तन्मय कक्कड़ के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम बच्चों की जांच के बाद उन्हें दिव्यांगता प्रमाण पत्र देगी।
नोडल अधिकारी व एसीएमओ डा. तन्मय कक्कड़ ने बताया कि 21 अगस्त से जांच शिविरों की शुरुआत होगी। सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच शिविर का आयोजन होगा। जहां डा. विकास दीक्षित, आशा गौतम, सरस्वती रानी, सुनील कुमार, विजय कुमार बच्चों का परीक्षण करेंगे।
इसके अलावा 20 सितंबर को पीएचसी हसनगंज, 29 सितंबर को सीएचसी बांगरमऊ, 23 अक्तूबर सीएचसी असोहा, 30 अक्तूबर सीएचसी मियागंज, 29 नवंबर सीएचसी सफीपुर, 11 दिसंबर सीएचसी पुरवा, 27 दिसंबर सीएचसी सरोसी, 29 जनवरी 2019 को पीएचसी गंजमुरादाबाद, 31 जनवरी सीएचसी फतेहपुर चौरासी, 05 फरवरी पीएचसी बिछिया, 07 माई सीएचसी अचलगंज व 16 मार्च 2019 को पीएचसी बीघापुर में जांच शिविर का आयोजन होगा। जांच के बाद दिव्यांग बच्चों को प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरवा में माह के प्रत्येक मंगलवार को अब मानसिक रोग से पीड़ित मरीजों का उपचार हो सकेगा। जिला अस्पताल की मानसिक रोग विभाग की टीम सीएचसी में मरीजों की काउंसलिंग कर उन्हें दवाएं देगी। मंगलवार को आशा गौतम, विजय, सुनील कुमार ने पुरवा सीएचसी में दो मनोरोगियों की जांच की।
-बच्चों की जांच के बाद दिए जाएंगे दिव्यांगता प्रमाणपत्र
-स्वास्थ्य विभाग ने जांच शिविर का जारी किया रोस्टर