उन्नाव। परिषदीय स्कूलों के शैक्षिक ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षकों पर शिकंजा कसा है। शिक्षकों को समय से स्कूल पहुंचाने के साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा। गुरुजनों का मूल्यांकन छात्रों के अभिभावक करेंगे। अभिभावक की संस्तुति रिपोर्ट पर गुरू जी पास होंगे। रिपोर्ट कार्ड में बैड इंट्री दर्ज होने पर सरकार शिक्षक से स्पष्टीकरण तलब करेगी।
सरकारी स्कूलों में कार्यरत लापरवाह शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए नया सत्र (अप्रैल 2019-20) मुश्किलें बढ़ाएगा। शिक्षकों की स्कूल आने जाने की टाइमिंग के लिए आनलाइन हाजिरी के साथ ही शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन कराएगी। बेसिक शिक्षा सचिव ने बीएसए को ई-मेल भेजकर शिक्षकों का रिपोर्ट कार्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट कार्ड में छात्रों का परिणाम अपडेट होने के साथ ही गुरुजनों की मेहनत का मूल्यांकन भी होगा। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी नहीं बल्कि छात्रों के अभिभावक अपनी सहमति दर्ज करेंगे। अभिभावक शिक्षक द्वारा बच्चे को दी गई शिक्षा से कितना खुश है या नहीं।
साथ ही स्कूल के माहौल के बारे में अपनी राय लिखेंगे। यह रिपोर्ट कार्ड अभिभावकों से वापस लेकर बीईओ बीएसए कार्यालय में जमा करेंगे। इसके बाद बीएसए अपनी रिपोर्ट लगाकर बेसिक शिक्षा सचिव कार्यालय को भेजेंगे। सचिव कार्यालय से रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी। जिसके आधार पर शिक्षक की शैक्षिक गुणवत्ता का मूल्यांकन कर सुधार के जरूरी कदम सरकार की तरफ से उठाए जाएंगे।
बीएसए बीके शर्मा ने बताया कि पिछले सत्र में भी स्कूलों की प्रगति रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है। सरकार के निर्देशों का पालन कर शैक्षिक गुणवत्ता सुधार में हर संभव काम किया जाएगा। बताया कि बेहतर शैक्षिक माहौल के लिए और भी कई प्रयास किए जा रहे हैं। जिन्हें जल्द ही पर लागू किया जाएगा।
सरकार का इन बातों पर फोकस
स्कूलों में बनेगा रियल टाइम मानीटरिंग सिस्टम
सरकारी स्कूल के शिक्षकों का बनेगा रिपोर्ट कार्ड
रिपोर्ट कार्ड में अभिभावकों से लिया जाएगा फीड बैक
शिक्षकों को अब समय पर आना होगा स्कूल