शहर के 22 परीक्षा केंद्रों पर लेखपाल भर्ती परीक्षा
हुई। इसमें 3261 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा के दौरान किसी
प्रकार की गड़बड़, ी न हो इसके लिए फ्लाइंग दस्ते केंद्रों का निरीक्षण
करते रहे। डीएम और एसपी भी घूम-घूमकर परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते रहे।
लेखपाल
भर्ती परीक्षा के लिए शहर में 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दो पालियों
में हुई परीक्षा में 20846 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। पहली पाली की
परीक्षा में 10423 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। इनमें से 1582 ने
परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली की परीक्षा में 10423 अभ्यर्थी ही शामिल होने
थे।
इसमें 1679 ने परीक्षा छोड़ दी। कई परीक्षा केंद्रों पर तो आपस
में बातचीत करने पर अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया। परीक्षा की निगरानी
सात जोनल व 22 सेक्टर मजिस्ट्रेट कर रहे थे। इसके अलावा 22 सुपरवाइजर और
430 कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा में तैनात किया गया था।
लेखपाल
भर्ती परीक्षा के लिए बनाए गए जीआईसी परीक्षा केंद्र से कुछ दूरी पर एक
फोटोकॉपी की दुकान खुली थी। यहां काफी भीड़ लगी थी। वहां तैनात विभागीय
लोगों को जानकारी हुई तो पुलिस बल भेजा गया, लेकिन तब तक दुकानदार शटर
गिराकर वहां से निकल गया था।
सुबह की पाली में भर्ती परीक्षा में
शहर के बाहर बने सेंटरों पर पेपर लीक होने की सूचना पर पुलिस ने कई सेंटरों
का निरीक्षण किया, लेकिन कहीं कुछ हासिल नहीं हुआ। उसके बाद जिला प्रशासन
के आला अधिकारी भी अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर जाकर निगरानी की।
अभ्यर्थियों
को परीक्षा के लिए दी गई ओएमआर सीट में भी खामियां रहीं। ओएमआर सीट में
दर्ज एप्लीकेशन नंबर के लिए एक कॉलम कम बनाया गया था। इसके चलते
परीक्षार्थी अपना पूरा एप्लीकेशन नंबर तक नहीं भर सके। मामले की जानकारी
होने पर परीक्षा कराने वाली संस्था ने नौ की जगह आठ नंबर ही सीट में
लिखवाए।