चकलवंशी स्थित दिलीप मिष्ठान भंडार से वर्क लगी बर्फी का लिया गया नमूना जांच में फेल हो गया है। बर्फी में चांदी के वर्क की जगह एल्यूमिनियम के प्रयोग की पुष्टि हुई है। खाद्य एवं औषधि विभाग के अधिकारियों ने दुकानदार के खिलाफ न्यायालय में वाद दाखिल किया है। वहीं पेड़े में मिलावट मिलने पर विक्रेता पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
फूड इंस्पेक्टर सुबोध कुमार ने 29 दिसंबर 2014 को चकलवंशी स्थित दिलीप की दुकान से वर्क लगी बर्फी का नमूना लिया था। सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। करीब छह माह बाद वर्क लगी बर्फी की सैंपल रिपोर्ट आई है। प्रयोगशाला ने बर्फी में लगे वर्क में एल्यूमिनियम धातु का प्रयोग होने की रिपोर्ट दी है।
यह रिपोर्ट आने के बाद स्थानीय उच्चाधिकारियों ने आयुक्त खाद्य सुरक्षा को पत्र भेजकर विक्रेता के खिलाफ वाद दायर करने की अनुमति मांगी थी। आयुक्त के आदेश के बाद 13 अगस्त को अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी उन्नाव के यहां दुकानदार के खिलाफ वाद दाखिल किया गया है।
इसके अलावा माखी थानाक्षेत्र के पावा गांव निवासी श्रीपाल की दुकान से लिया गया पेेड़े का नमूना भी जांच में फेल हो गया है। पेड़े में मिलावट की पुष्टि होने पर एडीएम कोर्ट से दुकानदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
दूध व खोए का भी नमूना फेल
अचलगंज के कुर्मापुर निवासी रामकिशोर और माखी निवासी दिनेश कुमार की डेयरी से लिए गए दूध के सैंपल भी मिलावटी मिले है। मिलावट की पुष्टि होने पर एडीएम कोर्ट से पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। शिवप्रसाद की डेयरी से लिए गए दूध के नमूने भी फेल होने पर 20 हजार रुपये का दंड लगाया है।
धवनरोड मंडी से खोए के नमूने के फेल होने पर दुकानदार बल्ली पर पांच हजार रुपये, चकलवंशी-मियागंज रोड पर स्थित त्रिलोकी राठौर की मिठाई दुकान से पेड़े का लिया गया सैंपल फेल हुआ। उनसे पांच हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। अचलगंज के राकेश की दुकान से पिसी हल्दी का लिया गया नमूना जांच में फेल होने पर पांच हजार का जुर्माना लिया गया।
मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाया गया वर्क
बर्फी में जो वर्क प्रयोग किया गया था उसे जांच में मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है। इसके आधार पर ही मिठाई विक्रेता के विरुद्ध वाद दाखिल किया गया है। इसके अलावा कई अन्य सैंपलों में मिलावट की पुष्टि होने पर एडीएम कोर्ट से विक्रेताओं पर जुर्माना लगाया गया है।
केके त्रिपाठी, मुख्य अभिहित अधिकारी उन्नाव।