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Unnao News: जल जीवन मिशन ग्रामीण योजना में 321.63 करोड़ का भुगतान बाकी

Mon, 20 Oct 2025 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
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फोटो-1-नवाबगंज विकासखंड के जगदीशपुर में अधूरा ओवरहेड टैंक। संवाद
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फोटो-2-जगदीशपुर में ही काम न होने से खुले में पड़े पाइप। संवाद

-अक्तूबर 2024 से लंबित है भुगतान, मात्र 35 फीसदी ही काम हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। जल जीवन मिशन ग्रामीण योजना से लोगों को शुद्ध पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि कार्यदायी संस्था को एक साल से भुगतान नहीं मिल पाया है। ऐसे में कार्य की रफ्तार सुस्त हो गई है। कई जगहों पर काम अधूरा पड़ा है। इससे योजना अभी तक मात्र 35 फीसदी ही पूरी हो सकी है। ऐसे में अगले तीन माह में काम पूरा होने पर संशय के बादल मंडराते दिख रहे हैं।

केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन (फेज-4) के तहत चलाई जा रही सतही स्रोत आधारित ग्राम समूह पेयजल योजना का काम डेढ़ साल पहले शुरू हुआ था। योजना का उद्देश्य 26 जनवरी 2026 तक 1037 ग्राम पंचायतों की करीब 25 लाख की आबादी को नल से जल उपलब्ध कराना था।
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कार्यदायी फर्म मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर काम कर रही है। फर्म को अक्तूबर 2024 से भुगतान नहीं हुआ है। फर्म के करीब 321.63 करोड़ के बिल पोर्टल पर अपलोड हैं। भुगतान लंबित होने से कार्य तेजी नहीं पकड़ पा रहा है।
कार्यदायी संस्था भी काम को लेकर हाथ खड़े कर रही है। अब तक मात्र 35 फीसदी ही काम पूरा हो सका है। जानकारों का कहना है कि पिछले डेढ़ साल में जब 50 फीसदी काम पूरा नहीं हो पाया है तो निर्धारित डेटलाइन के सापेक्ष मात्र तीन माह में 65 फीसदी काम कैसे पूरा हो जाएगा। ऐसे में तय समय पर ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिलने पर संशय है।
गंगा बैराज के पानी को डब्ल्यूटीपी से किया जाएगा शुद्ध

योजना के तहत गंगा बैराज से पानी को इनटेक वेल में लाया जाएगा। फिर डब्ल्यूटीपी के माध्यम से शोधन किया जाना है। दोनों का काम अभी तक पूरा नहीं हो सका है। इसके जरिए ही पाइप लाइनों के माध्यम से गांवों में शुद्ध पानी पहुंचाया जाना है।
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योजना एक नजर में
लागत-5.4 अरब

ग्राम पंचायत-1037
कुल घर-6.11 लाख
टंकियां ओवरहेड टैंक-384

भूमिगत टंकियां-82
वर्जन
कार्यदायी संस्था का भुगतान एक साल से लंबित है। इसी कारण कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। विभाग की ओर से लगातार भुगतान के लिए पत्राचार किया जा रहा है। रिमाइंडर पत्र भी भेजे जा चुके हैं। जल्द भुगतान के प्रयास किए जा रहे हैं। संस्था अभी काम कर रही है, लेकिन रफ्तार धीमी है।-अजीत कुमार सिंह, एक्सईएन जलनिगम ग्रामीण।
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