फोटो-10-शिवम फाइल फोटो।
11-पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद परिजन। संवाद
-दही-मोहनलालगंज मार्ग पर हुई घटना, भतीजे का साढ़े पांच घंटे पानी में पड़ा रहा शव
-परिजन बोले, समय रहते अगर भतीजे को अस्पताल पहुंचाते तो बच सकती थी जान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनिक (उन्नाव)। दही-मोहललालगंज मार्ग पर शनिवार रात आठ बजे वाहन की टक्कर से बाइक सवार फूफा-भतीजे घायल हो गए। पुलिस को मौके पर घायलावस्था में सिर्फ फूफा दिखे। उन्हें जिला अस्पताल भेजा, यहां उनकी मौत हो गई। बाद में परिजनों ने पुलिस को भतीजे के भी साथ होने की बात बताई तो उसकी खोजबीन शुरू हुई। रात करीब 1.30 बजे उसका शव घटनास्थल से दस मीटर दूर पानी में पड़ा मिला। हेलमेट नहीं लगाए थे।
मौरावां के लोहनीपुर गांव निवासी मनोज (40) पुत्र राजकुमार खेती करते थे। शनिवार दोपहर वह मौरावां के ही गुमानखेड़ा निवासी भतीजे शिवम (17) पुत्र रामप्रकाश यादव के साथ काम से शहर आए थे। शिवम के चाचा प्रदीप कुमार के मुताबिक, रात आठ बजे घर लौटते समय दही-मोहलालगंज मार्ग पर दही थानाक्षेत्र के दरोगाखेड़ा चौकी के पास वाहन की टक्कर से मनोज सड़क पर घायल पड़े मिले।
शिवम के घटनास्थल से करीब दस मीटर आगे सड़क किनारे भरे गहरे पानी में चले जाने से पुलिस उसे देख ही नहीं पाई। जब पुलिस ने घायल मनोज को जिला अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी। परिजनों के जिला अस्पताल पहुंचने के बाद पुलिस ने शिवम की तलाश शुरू की तो उसके चप्पल कुछ दूरी पर पड़े मिले।
रात करीब 1.30 बजे उसका शव पानी में पड़ा मिला। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने शिवम को भी मृत घोषित कर दिया। उसके बाद मनोज की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। चाचा ने कहा कि अगर समय रहते शिवम को अस्पताल भिजवाया जाता ताे जान बच सकती थी।
प्रदीप के मुताबिक, मनोज दो भाइयों में बड़े थे। उनकी मौत से छोटा भाई अनुज, पत्नी किरन देवी व मां मनोरमा बेहाल रहीं। वहीं शिवम तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर का था। पिता किसान हैं। बेटे की मौत से मां गायत्री, बड़ा भाई सचिन, छोटी बहन पायल बेहाल हैं।
दही थानाध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया है। पहले एक ही युवक घायल मिला था, बाद में किशोर के भी घायल होने का पता चला। पानी में पड़ा होने से समय पर जानकारी नहीं हो पाई।
इंसेट-1
लखनऊ आईटीआई में फिटर ट्रेड का था छात्र
चाचा प्रदीप कुमार ने बताया कि शिवम लखनऊ के एक निजी कॉलेज से आईटीआई में फिटर ट्रेड से पढ़ाई कर रहा था। यह अंतिम साल था। इसके बाद वह कहीं नौकरी करता था और किसान पिता की सहायता करता था। आगे बहन की शादी होनी है। उसमें हाथ बंटाता लेकिन उससे पहले ही उसे भगवान ने पूछ लिया। बेटे की मौत से परिजन बदहवास हैं।