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श्रमिक की मौत पर फैक्ट्री में हंगामा, तोड़फोड़

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उन्नाव। एक पखवारा पहले सड़क हादसे में घायल हुए फैक्ट्री श्रमिक की मंगलवार रात मौत हो गई। मुआवजे की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीण बुधवार सुबह शव लेकर फैक्ट्री पहुंचे और हंगामा किया।
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फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सुनवाई न किए जाने से नाराज भीड़ फैक्ट्री का गेट तोड़कर भीतर दाखिल हुई और पथराव कर शीशे, सीसीटीवी कैमरे और फर्नीचर तोड़ दिया। बाद में शव को फैक्ट्री के भीतर रख हो हल्ला करने लगे। बवाल की सूचना पर पहुंची पुलिस ने लाठियां पटकर लोगों को खदेड़ा।

बाद में फैक्ट्री प्रबंधन 2.15 लाख रुपये आर्थिक मदद देने का वादा किया तब हंगामा शांत हुआ। उधर पुलिस ने भी जांच शुरू की है कि जब फैक्ट्री का बिजली कनेक्शन एक महीने पहले काट दिया गया था तो वहां काम कैसे चल रहा था।
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अचलगंज थानाक्षेत्र के तारगांव निवासी राजेश रैदास (40) पुत्र चंद्रिका प्रसाद दही चौकी स्थित सुपर हाउस फैक्ट्री में श्रमिक था। 17 अगस्त को फैक्ट्री से साइकिल से घर लौटते समय उन्नाव-पुरवा मार्ग पर दरोगाखेड़ा के पास वह किसी वाहन की टक्कर से घायल हो गया था।

परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बाद में हालत गंभीर देख उसे कानपुर रेफर कर दिया गया था। कानपुर में इलाज के दौरान मंगलवार देर रात राजेश की मौत हो गई। परिजन और सैकड़ों ग्रामीण बुधवार सुबह करीब आठ बजे शव लेकर फैक्ट्री पहुंचे और गेट पर रखकर हंगामा शुरू कर दिया।

करीब एक घंटे तक फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से किसी के न पहुंचने से आक्रोशित भीड़ तोड़फोड़ पर उतर आई। भीड़ ने धक्का देकर गेट खोल दिया और भीतर पहुंचकर पथराव किया। इससे फैक्ट्री के कई शीशे टूट गए। भीड़ ने शव को फैक्ट्री के भीतर रख दिया।

जानकारी होने पर दही पुलिस चौकी इंचार्ज मनोज सिंह मौके पर पहुंचे और कोतवाली से फोर्स बुलाई। इसके बाद फैक्ट्री के मैनेजर दुजेंद्र सिंह पहुंचे और पुलिस को बताया कि मृतक राजेश फैक्ट्री का नियमित कर्मी था। उन्होंने 2.15 लाख रुपये आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया इसके बाद हंगामा शांत हुआ। सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया फैक्ट्री श्रमिक के एक्सीडेंट और मौत का मुकदमा अचलगंज थाने में दर्ज कराया जा रहा है।

परिवार का बुरा हाल
राजेश रैदास की मौत से परिवार का बुरा हाल है। पत्नी सोनी ने बताया कि उसके एक बेटा और दो बेटियां हैं। एक बेटी छुटकी अभी सात महीने की ही है। पति की मौत के बाद वह बच्चों का पेट कैसे भरेगी। मृतक के भाई दिनेश ने बताया कि राजेश तीन भाईयों में सबसे बड़ा था।

बंद फैक्ट्री में हो रहा था काम, होगी जांच
श्रमिकों के हंगामे के बाद बंद कराई गई फैक्ट्री संचालित होने का खुलासा हुआ तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी विकास मिश्रा ने बताया कि दिखवाया जाएगा। वैसे बड़ी फैक्ट्रियों में उत्पादन के अलावा भी कई और काम होते हैं। हो सकता है उत्पादन बंद हो और श्रमिक और कोई काम कर रहे हों।
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-पुलिस ने लाठियां पटक कर खदेड़ा, 2.15 लाख मुआवजे पर शांत हुए परिजन
-एक पखवाड़ा पहले फैक्ट्री से लौटते समय सड़क हादसे में घायल हुआ था
-दही चौकी स्थित सुपर हाउस फैक्ट्री का मामला, कानपुर में इलाज के दौरान हुई मौत
अमर उजाला ब्यूरो
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