स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सहयोगी बैंकों को एसबीआई में विलय करने को लेकर हुए द्वि-पक्षीय समझौते का उल्लंघन, श्रम संगठन अधिकारों को प्रबंधन के इशारे पर सहयोगी बैंकों के अधिकार छीनने आदि के विरोध में जिले के बैंक कर्मचारी (एसबीआई व ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) हड़ताल पर रहे।
हड़ताल के चलते बैंकों के ताले नहीं खुले और कर्मचारियों ने बैंक गेट पर मीटिंग कर सरकार के फैसले को कोसा और विरोध में नारेबाजी की। बैंकों में कामकाज न होने से 300 करोड़ की क्लियरिंग ठप रही। लेनदेन के लिए आए ग्राहक बैंक गेट में ताला लटका मिला तो वह वापस लौट गए।
आल इंडिया बैंक इंपलाइज एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को जिले के सभी सरकारी क्षेत्र के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल में स्टेट बैंक आफ इंडिया व ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी शामिल नहीं हुए। इससे एसबीआई व ग्रामीण बैंकों की शाखाओं में कामकाज होता रहा।
बाबूगंज स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में कर्मचारियों ने यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन किया और सरकार के इन फैसलों को जमकर कोसा।
सभा को संबोधित करते हुए यूपीबीईयू के मंत्री प्रकाश अवस्थी ने कहा कि प्रबंधन हर प्रकार से द्वि-पक्षीय संबंधों को समाप्त कर वार्तालाप के स्थान पर हठधर्मी व मनमाने तरीके से बैंकों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। जब-जब सरकार ने कथित बैंकिग सुधारों का तरीका अपनाने का प्रयास किया है।
यूनियन ने बैंक व देश की जनता के हित में उसका विरोध किया है। इसलिए बैंक कर्मी इन विसंगतियों को लेकर सरकार के निर्णयों का पुरजोर विरोध कर रहे हैं। हड़ताल के चलते जिले में 300 करोड़ की क्लीयरिंग ठप रही।
सभा के दौरान कर्मचारियों में पीएन सिंह, बुधवीर सिंह, ज्ञानेश बाजपेई, राकेश, जगदीश सैनी, अरविंद यादव, मुकेश, रोहन, विनोद शुक्ला, उदय तिवारी, फत्ते सिंह, उमाशंकर, प्रमोद आदि उपस्थित रहे।