उन्नाव। शासन ने नगर निकायों की सभी सेवाओं के लिए समय सीमा तय करते हुए उप्र जनहित गारंटी अधिनियम दोबारा लागू कर दिया है। जिसके तहत अब 30 दिन के अंदर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी हो सकेंगे। यही नहीं संपत्तियों का कर निर्धारण व नामांतरण प्रक्रिया का कार्य भी 45 दिनों में पूरा होगा। समय सीमा पर कार्य न होने से अधिकारी दंडित होंगे।
नगर पालिका व नगर पंचायतों से जन्म-मृत्यु प्रमाण, गृह कर निर्धारण समेत कई अन्य सेवाओं का लाभ जनता को मिलता है। इन सेवाओं का लाभ लेने या किसी शिकायत पर निस्तारण के लिए उन्हें लंबी दौड़ भाग करनी पड़ती है। अधिकारियों व बाबुओं के चक्कर लगाने पर भी समय से काम नहीं हो पाता। ऐसे में सरकार ने आमजन की सहूलियत को देखते हुए नगर पालिका व नगर पंचायतों में उप्र जनहित गारंटी अधिनियम 2011 को संशोधित कर लागू करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत अब नगर निकाय की किसी भी सेवा का कार्य अधिकतम 45 दिन में पूरा करना होगा। शासन ने सभी सेवाओं के लिए अलग अलग समयसीमा निर्धारित की है। ईओ नगर पालिका रामपूजन श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यालय में जनहित गारंटी अधिनियम के तहत हुए संशोधन की नोटिस जल्द ही चस्पा कर दी जाएगी।
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-नगर पालिका, नगर पंचायतों जनहित गारंटी अधिनियम प्रभावी
-शासन ने तय किया जनता के आवेदनों पर अमल का समय
-अब 30 दिन में मिलेगा जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, भूमि अंतरण
-समय से कार्य न होने पर अधिकारी होंगे दंडित