उन्नाव। जिले के आठ विकासखंडों की 13 ग्राम पंचायतों में सचिवालय के बाहर से करीब 17.14 लाख का भुगतान कराया गया। मामले की जानकारी होने पर डीपीआरओ ने 11 पंचायत सचिवों की वेतन वृद्धि रोक दी है। सभी से जवाब है।
ग्राम पंचायतों कराए जाने वाले विकास कार्यों का भुगतान भी पंचायत में स्थापित कंप्यूटरों से ही करने का शासनादेश जारी हो चुका है। इसके बाद भी गांव के जिम्मेदार इसका पालन नहीं कर रहे हैं। मार्च माह के भुगतान की जब पंचायतीराज विभाग ने समीक्षा की तो मामला पकड़ में आया। पता चला कि 13 ग्राम पंचायतों में 17 लाख 14 हजार 197 रुपये का भुगतान ग्राम सचिवालयों के कंप्यूटर से नहीं किया गया। पंचायत सचिवों ने प्रधानों की मिलीभगत से दूसरी जगहों (जन सुविधा केंद्रों या नेटकैफे) से भुगतान कराया। डीपीआरओ ने गेटवे के बाहर से भुगतान करने वाले 11 सचिवों पर कार्रवाई की है।
पूर्व में भी पकड़ा जा चुका है बाहर से भुगतान
यह मामला नया नहीं है। 2025 में एक मार्च से 10 मार्च के बीच में 36 ग्राम पंचायतों में 1.18 करोड़ का बाहर से भुगतान कराने का मामला पकड़ा गया था। उस समय 26 सचिवों की वेतन वृद्धि रोकी गई थी। इसी साल फरवरी में भी 10 विकासखंडों की 63 ग्राम पंचायत के सचिवों ने 1.50 करोड़ का बाहर से विकास कार्यों का भुगतान कराया था। तब डीपीआरओ ने 40 पंचायत सचिवों की वेतन वृद्धि रोकी थी। इसके बाद भी सचिवों द्वारा सचिवों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है।
इंसेट-2
पंचायतवार यह कराया गया भुगतान
विकासखंड ग्राम पंचायत भुगतान रुपये में पंचायत सचिव
हिलौली अहेसा 649300 विवेक सिंह
नवाबगंज ईटकुटी 274024 सुशील कुमार
हिलौली वलिया 280178 अजय कुमार
सुमेरपुर धर्मदासखेड़ा 103268 राममिलन
बांगरमऊ मऊ 91716 रोहित सिंह
बांगरमऊ हीरापुर 40962 रोहित सिंह
पुरवा पुरंदरपुर 71441 दीपक कुमार
हिलौली बरौली 131758 आनंद साहू
पुरवा टीकरकला 18000 गुड्डू श्रीवास्तव
पुरवा त्रिपुरारपुर 10000 गुड्डू श्रीवास्तव
औरास अहमदपुर फैजुल्लापुर 18000 प्रतीक कुमार
असोहा जोरावरगंज 19550 अमरेश कुमार
सिकंदरपुर सरोसी चौरा 6000 शिवबरन
पूर्व में बैठकों के दौरान सचिवों को सचेत किया गया था। स्पष्ट आदेश दिया गया था कि जो भी भुगतान होगा, वह पंचायत भवन से ही होगा। इसके बाद भी बाहर से भुगतान कराया गया। इसको लेकर सचिवों की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है। साथ ही जवाब मांगा गया है। यदि आगे भी इसी प्रकार से बाहर से भुगतान होगा तो सचिवों के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
आलोक सिन्हा, डीपीआरओ।