अचलगंज। जननी सुरक्षा योजना के तहत शासन द्वारा संचालित 102 एंबुलेंस का लाभ समय से गर्भवती को न मिलने पर उसकी हालत बिगड़ गई। एंबुलेंस चालक द्वारा गलत जानकारी दिए जाने के कारण लगभग तीन घंटे बाद परिजन महिला को प्राइवेट वाहन से लेकर जिला अस्पताल आए।
जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर एक प्राइवेट नर्सिंगहोम पहुंचे जहां इलाज के दौरान जच्चा बच्चा ने दम तोड़ दिया।
बारासगवर थाना क्षेत्र के गांव त्रिलोकपुर में रहने वाले अनूप लोधी की (30) वर्षीय पत्नी सुमन का प्रसव होने के कारण वह कुछ दिन पहले अपने मायके बीघापुर थानाक्षेत्र की ग्राम सभा रानीपुर के मजरे छुलिहा आ गई थी। 25 जनवरी की रात लगभग दो बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई। सूचना रानीपुर की आशाबहू माया देवी को दी गई।
आशाबहू ने अपने मोबाइल से जननी सुरक्षा योजना के तहत संचालित टोल फ्री नंबर 102 पर कॉल की। आशा बहू को आधा घंटे के अंदर एंबुलेंस पहुंचने की जानकारी दी गई। आधा घंटा तक जब एंबुलेंस घर नहीं पहुंची तो आशाबहू ने दोबारा उसी नंबर पर बात की। फिर यही जानकारी मिली की एंबुलेंस पहुंच रही है।
लगातार गलत जानकारी मिलती रही। उस दौरान जच्चा की हालत और बिगड़ गई। लगभग तीन घंटे तक जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो परिजन सोमवार सुबह लगभग पांच बजे निजी गाड़ी से गर्भवती को लेकर अचलगंज सीएचसी आएं। जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख उसे रेफर कर दिया गया।
परिजन उसे फिर जिला अस्पताल लेकर आए तब तक उसकी हालत और बिगड़ चुकी थी। यहां डॉक्टरों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया और चलता कर दिया। बाद में महिला को सुंदर टाकीज रोड स्थित एक निजी नर्सिंग होम में लाकर भर्ती कराया। जहां दोपहर लगभग दो बजे इलाज के दौरान जच्चा बच्चा दोनों ने दम तोड़ दिया। जच्चा बच्चा की मौत पर परिजनों ने हंगामा भी काटा लेकिन पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया।
वर्जन
रानीपुर गांव की आशा बहू माया देवी ने बताया कि उसने अपने मोबाइल से 102 टोल फ्री नंबर पर फोन किया था। फोन करने के लगभग तीन घंटे बाद एंबुलेंस पहुंची थी। इसी के चलते जच्चा की हालत बिगड़ गई और जच्चा बच्चा दोनों ने दम तोड़ दिया। उसने बताया कि यह सुमन का तीसरा बच्चा था।
102 एंबुलेंस के जिला प्रभारी राजीव शर्मा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। यदि इसमें जिसकी की लापरवाही होगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।