उन्नाव। जनपद में खाद के लिए परेशान किसानों में कहीं खुशी तो कहीं गम की स्थिति बनी हुई है। कुछ इफ्को केंद्रों में यूरिया पहुंच चुकी है तो अधिकांश साधन सहकारी समितियों में अभी भी सन्नाटा ही दिख रहा है।
ऐसे में इफ्को केंद्रों के क्षेत्रों के किसानों को कुछ राहत मिली है वहीं, साधन सहकारी समितियों से जुड़े किसानों को अभी भी यूरिया के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
मालूम हो कि जनपद को अब तक 26185 मीट्रिक टन यूरिया मिल चुकी है। मार्च तक का लक्ष्य 31325 एमटी है। मौजूदा समय में गेहूं की फसल के लिए यूरिया की ज्यादा जरूरत है। इस समय जिले की समितियों से यूरिया गायब है। गोदाम खाली पड़े हुए हैं। किसान केंद्रों से खाली हाथ वापस लौटने को मजबूर हैं।
सहायक निबंधक कोआपरेटिव वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जिले को 2600 मीट्रिक टन यूरिया की नई रैक मिल गई है। इफ्को सेंटरों में पहुंचे पहुंचाई गई है। समितियों को भेजने का काम किया जा रहा है। एक-दो दिन में सभी समितियों में एक गाड़ी यूरिया पहुंच जाएगी। किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
इफको केंद्र दही चौकी
इस केंद्र में मंगलवार को यूरिया पहुंचने
की सूचना पर केंद्र खुलने से पहले ही किसान यहां पहुंच गए थे। लंबी कतारें
लग गई थीं। पहले तो यहां के अधिकारियों ने खाद न आने की जानकारी देकर
किसानों को वापस करना चाहा लेकिन बाद में कुछ किसानों के विरोध करने पर
यूरिया बांटनी शुरू की।
केवाना के राजबीर यादव, चमरौली के मजरे दौलतपुर के
अंशुमान, दही चौकी के पिंटू रावत व महिपतखेड़ा के रामचंद्र ने आरोप लगाया
कि पहले किसानों को 450 रुपये की बोरी दी जा रही थी बाद में जब हंगामा किया
तो फिर सही मूल्य 335 रुपये पर दिया। बताया कि एक ट्रक यूरिया पहुंची है।
साधन सहकारी समिति मूसेपुर
मंगलवार
को इस साधन सहकारी समिति में सन्नाटा पसरा रहा। तीन दिन की छुट्टी के बाद
जब किसान यूरिया की आस में इस केंद्र पर पहुंचे तो उन्हें मायूसी ही हाथ
लगी। किसानों ने बताया कि पिछले एक माह से यूरिया के लिए वह भटक रहे हैं।
साधन सहकारी समिति बिचपरी
इस
समिति में भी खाद नदारद है। सुबह 12 बजे जब संवाददाता समिति में पहुंचा तो
वहां पर सन्नाटा पसरा हुआ था। यहां के प्रभारी यतींद्र कुमार मिश्र ने
बताया कि जिले से एलाटमेंट नहीं मिला है। जैसे ही खाद मिलेगी वैसे ही
किसानों को वितरण कराया जाएगा।
साधन सहकारी समिति औरास
यूरिया
की कमी से साधन सहकारी समिति औरास भी अछूती नहीं है। यहां भी किसानों को
खाद के लिए मारामारी करनी पड़ रही है। किसान परेशान हैं। सचिव शिवकुमार
सिंह का कहना है कि अभी तक आवंटन नहीं मिला है। जैसे ही समिति पर खाद आएगी
वैसे ही वितरण कराया जाएगा।