उत्तर प्रदेश में थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव एवरनपुर से पुलिस ने एक युवती को मुक्त कराया और उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया। वहां से इस युवती को कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया गया।
पुलिस से यह शिकायत की गई थी कि 40 हजार रुपये में इस युवती का सौदा हुआ था। वैसे पुलिस अभी पूरे मामले की छानबीन कर रही है।
मंगलवार को थाना हाथरस गेट पर दो महिलाएं आईं और उन्होंने एसओ अनूप कुमार से यह शिकायत की कि गांव एवरनपुर में उनकी ननद को कुछ लोगों ने जबरन बंधक बना लिया है और उनके साथ भेज नहीं रहे। इस पर एसओ ने पुलिस फोर्स भेजी, जो कि इस महिला को उसके बच्चे सहित थाने ले आई। पीछे उस महिला का कथित पति भी आ गया।
बाद में जब पूछताछ की गई तो यह बात सामने आई कि इस महिला को 40 हजार रुपये में खरीद कर यहां लाया गया है। उसे 11 सितंबर को ही यहां लाया गया था और जो व्यक्ति उसे यहां लाया था, वह उसे बतौर पत्नी अपने साथ रखना चाहता था। 20 वर्षीय यह युवती वाराणसी की है और यह सौदा आगरा के एक डॉक्टर ने कराया है।
हालांकि किस डॉक्टर ने यह सौदा कराया है और वह वास्तव में डॉक्टर है भी या नहीं, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बाद में पुलिस ने इस युवती को एसडीएम कोर्ट में पेश कर दिया।
युवती की इच्छा पर उसे बालिग मानते हुए कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया। हालांकि इस मामले के खुलासे से यह भी स्पष्ट हो गया है कि देश भर में चल रहे मानव तस्करी के धंधे की जड़ें इस जिले में भी फैली हुई हैं। मानव तस्करों का नेटवर्क यहां भी है।