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AAP की बैठक में महिलाओं का हंगामा

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह की बैठक और पत्रकार वार्ता में बृहस्पतिवार को जमकर हंगामा हुआ। चुनावी तैयारियों का जायजा लेने संजय सिंह इलाहाबाद पहुंचे थे।
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पार्टी की बैठक के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रस क्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंची दो महिला कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया।

महिला कार्यकर्ता नाज फातिमा खान और श्रद्धा शुक्ला ने संजय सिंह से सवाल किया कि पार्टी आलाकमान ने लोकसभा चुनाव में कितने प्रतिशत अल्पसंख्यकों को टिकट दिया है? यह भी कि पार्टी के पास मतदाताओं के लिए क्या नीतियां हैं?
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दोनों महिला कार्यकर्ताओं ने फूलपुर प्रत्याशी शिमलाश्री को टिकट दिए जाने पर भी सवालिया निशान उठाए। कहा कि टिकट देने में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से रायशुमारी नहीं की गई। महिलाएं लगातार आरोप लगाती रहीं। फजीहत होती देख वहां मौजूद पार्टी से जुड़े कुछ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को जैसे तैसे समझा बुझाकर बाहर किया।
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भेदभाव का आरोप

महिलाओं ने बाहर भी हंगामा किया। दोनों महिला कार्यकर्ताओं ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं पर महिलाओं की उपेक्षा और भेदभाव बरतने का आरोप लगाया।

महिला कार्यकर्ताओं ने अभद्रता का भी आरोप लगाया। कहा कि राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह की मौजूदगी में अपमान हुआ और वह चुपचाप सब कुछ देखते रहे। महिलाओं के साथ बाहर मौजूद कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने संजय सिंह के खिलाफ नारेबाजी भी की।

पत्रकारवार्ता समाप्त होने के बाद जब संजय सिंह बाहर निकले तो उन्हें एक बार फिर महिलाओं और कुछ कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। मीडियाकर्मियों ने जब संजय सिंह से महिला के विरोध के बारे में पूछा तो उनके साथ मौजूद पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने दोनों महिला कार्यकर्ताओं को भाजपा का एजेंट करार दिया। शोर शराबे के बीच संजय सिंह पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ गाड़ी में सवार होकर निकल गए।

नाज फातिमा खान का आरोप है कि उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के समक्ष अल्पसंख्यकों के मुद्दे उठाए। सवालों का जबाब देने के बजाए उल्टे उन्हें अपमानित कर बाहर निकाल दिया गया।

नाराज नाज ने आरोप लगाया कि यदि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता भाजपा के एजेंट है तो पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल आईएसआई एजेंट हैं, यदि पार्टी की यहीं नीतियां रही तो लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। इस संदर्भ में फोन पर बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि यह पार्टी स्तर का विरोध न होकर महज दो महिलाओं का विरोध है जो संभवत: टिकट न मिलने से नाराज हैं।
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