उत्तर प्रदेश के लखनऊ में सीबीआई तत्काल कोटे के खेल में शामिल बड़े धंधेबाजों के करीब पहुंच गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शुक्रवार को मुंबई में मध्य रेलवे मुख्यालय जाकर गहन जांच-पड़ताल की।
इस दौरान निशाने पर आए तीन अधिकारियों से पूछताछ भी हुई। साथ ही दलालों से मिलीभगत कर 27 रेलवे आरक्षण केंद्रों से तत्काल कोटे के टिकट निकालने वाले 14 कर्मचारियों की सूची भी रेलवे को सौंपी गई है।
सूत्रों के मुताबिक ,शुक्रवार सुबह 10:45 बजे सीबीआई के 10 जांच अधिकारी मध्य रेलवे मुख्यालय पहुंचे। वे यहां करीब डेढ़ घंटे तक डेरा जमाए रहे और वाणिज्य अनुभाग से जुड़े तीन अधिकारियों से पूछताछ की।
इस दौरान तीनों अधिकारियों के कमरों में किसी के भी आने-जाने पर रोक लगा दी गई थी। सीबीआई अपने साथ उन 27 रेल आरक्षण केंद्रों की सूची भी लाई थी, जहां से कुशीनगर एक्सप्रेस (11016), गोरखपुर-एलटीटी सुपरफास्ट (12541) सहित उत्तर भारत से मुंबई जाने वाली कई ट्रेनों के तत्काल टिकट बन रहे थे।
जांच एजेंसी को इन केंद्रों पर तैनात 14 रेलकर्मियों के तत्काल के खेल में शामिल होने की जानकारी पकड़े गए दलालों से मिली थी। इसी आधार पर इन दागी कर्मियों की सूची भी मध्य रेलवे मुख्यालय को दी गई है।
सूत्रों की मानें तो सीबीआई ने तीनों अधिकारियों से पूछा कि कैसे ये 14 कर्मचारी लंबे समय से एक की केंद्र में सुबह की पाली में तैनात होते रहे। नियम के अनुसार उनके रोस्टर में भी कोई परिवर्तन नहीं किया गया।
सीबीआई ने सेंटर फॉर रेलवे इन्फारमेशन सिस्टम (क्रिस) मध्य जाकर उनके डाटाबेस के प्रोग्रामिंग की भी जांच की।
यहां तैनात निजी क्षेत्र के तीन कर्मचारियों से तत्काल के समय अप्लीकेशन डाउनलोड करने की आशंकाओं के बारे में भी जानकारी ली। फिलहाल मध्य रेलवे के अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।