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Sultanpur News: चंद्रशेखर आजाद से प्रेरणा लें युवा

Wed, 24 Jul 2024 01:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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सुल्तानपुर। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर मंगलवार को आजाद समाज सेवा समिति के तत्वावधान में प्रभातफेरी निकाली गई। शहर में जगह-जगह स्थापित शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। बस स्टेशन स्थित आजाद पार्क के पास आयोजित गोष्ठी को वक्ताओं ने संबोधित किया। कहा कि चंद्रशेखर आजाद से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।
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नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि देश की आजादी में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले महान क्रांतिकारियों की जयंती लोगों में राष्ट्र प्रेम की भावना जागृत करती है। वरिष्ठ समाजसेवी करतार केशव यादव ने कहा कि आजाद की जयंती पर हम सभी को नैतिकता के रास्ते पर चलकर आने वाली पीढि़यों के लिए समाज एवं राष्ट्र हित में अच्छे निर्माण की सोच रखने की सीख देने पर बल देने की आवश्यकता है।

संस्था के अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि अमर बलिदानी चंद्रशेखर आजाद युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। इस मौके पर शराफत खान, ओमप्रकाश गौड़, दिलीप सिंह, श्याम नारायण पांडेय, गिरीश तिवारी, विनोद रावत, किशन चौरसिया, वैभव श्रीवास्तव व कुश यादव आदि मौजूद रहे।
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क्रांतिकारियों ने हिंदुस्तान समाजवादी प्रजातांत्रिक सेना का किया था गठन
सुल्तानपुर। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती और कैप्टन डॉ. लक्ष्मी सहगल की पुण्यतिथि पर मंगलवार को ऑल इंडिया लायर्स यूनियन ने आजाद पार्क स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। गोष्ठी में यूनियन के जिला सचिव उत्कर्ष शुक्ल ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान ही शहीद चंद्रशेखर आजाद व अन्य क्रांतिकारियों के सामने प्रमुख सवाल यह था कि आजादी के बाद का भारत कैसा होगा। इसीलिए उन्होंने हिंदुस्तान समाजवादी प्रजातांत्रिक सेना का गठन किया था, जिसके कमांडर इन चीफ चंद्रशेखर आजाद थे।
भारत की जनवादी नवजवान सभा के जिला उपाध्यक्ष शशांक पांडेय ने कहा कि कैप्टन लक्ष्मी सहगल सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज में महिलाओं की रेजिमेंट रानी लक्ष्मीबाई रेजिमेंट की कैप्टन थीं। एसएफआई के प्रदेश सचिव विवेक विक्रम सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में केंद्र और राज्य की सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य को लगातार महंगा करती जा रही हैं। हमारे पुरखों ने इस तरह की आजादी की कल्पना कभी नहीं की थी। इस मौके पर रामसजीवन शर्मा, महेश चंद्र तिवारी, भीम आर्य, श्रवण निषाद, वीरेंद्र शुक्ल, वीरभद्र सिंह, रविशंकर प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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