सुल्तानपुर। अब जनगणना में आपका घर सिर्फ गिना ही नहीं जाएगा, बल्कि डिजिटल नक्शे पर नजर भी आएगा। जनगणना-2027 में पहली बार ऐसी व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसमें हर मकान को गूगल मैप पर टैग करना अनिवार्य होगा। बिना टैगिंग के मकान की गणना अधूरी मानी जाएगी।
सात मई से शुरू हो रहे पहले चरण में मकानों की गणना की जाएगी। खास बात यह है कि इस बार आमजन खुद भी जनगणना प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। एंड्रॉइड मोबाइल के जरिये वेब पोर्टल खोलकर मोबाइल नंबर और ओटीपी से लॉगइन करना होगा। इसके बाद पिनकोड और लैंडमार्क भरते ही गूगल मैप स्क्रीन पर खुल जाएगा, जहां अपने मकान की सटीक लोकेशन टैग करनी होगी।
टैगिंग के बाद जीपीएस लोकेशन के साथ मकान सेव होगा और फिर परिवार व आवास से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। एक मोबाइल से एक ही परिवार रजिस्टर्ड होगा। पूरी प्रक्रिया के बाद मिलने वाली आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी होगा, जिसे प्रगणक के सत्यापन के समय दिखाना होगा।
अधिकारियों के मुताबिक, इस नई डिजिटल व्यवस्था से जनगणना में पारदर्शिता बढ़ेगी और हर घर की सटीक लोकेशन दर्ज हो सकेगी। इससे भविष्य की योजनाओं को जमीन पर उतारने में भी मदद मिलेगी।
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ऐसे ‘मैप’ पर चढ़ेगा आपका घर
-मोबाइल से पोर्टल खोलकर करें लॉगइन।
-पिनकोड और लैंडमार्क भरते ही खुलेगा मैप।
-अपने मकान को टैग कर सेव करें।
-जीपीएस लोकेशन के साथ बनेगी यूनिक आईडी।
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जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। लोग खुद भी जुड़कर सही जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया और सटीक होगी। पहले चरण में आवासों की गणना होगी, डिजिटल नक्शे से लोगों को अपने आवास की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
-राकेश सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)