सुल्तानपुर। आंधी और बारिश ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की रीढ़ तोड़ दी है। बुधवार को आधे घंटे की आंधी ने बिजली विभाग के खोखले सिस्टम को उड़ा दिया। बिजली के 1079 खंभे धराशायी हो गए और 54 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। विभाग के मुताबिक इस तबाही में करीब 67.62 लाख रुपये का सीधा नुकसान हुआ है। अभी भी लाख प्रयास के बाद भी 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित है।
29 अप्रैल को आई आंधी ने ग्रामीण इलाकों में भारी तबाही मचाई। छतौना, सोनबरसा, पखरौली, रामपुर हनुमानगंज, तुराबखानी, देवरा, हनुमान दुबे, पूरे संगम दुबे, तकियावा सेवरा, पूरे भरवारी, डडवा, बंझोलिया, पूरे शिवनंदन, हैहना खुर्द और एंजर समेत कई गांवों में बिजली आपूर्ति का पूरा ढांचा बिखर गया।
जगह-जगह खंभे गिरने से तार जमीन पर आ गए और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। 30 अप्रैल से बिभाग की टीमें लगातार मरम्मत में जुटी हैं, लेकिन हालात पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सके हैं। अब तक सैकड़ों खंभे खड़े किए जा चुके हैं, फिर भी करीब 72 खंभे लगना बाकी हैं। टूटे तार, फुंके इंसुलेटर और ट्रांसफार्मर बदलने का काम अभी जारी है।
अधीक्षण अभियंता वीके जैन ने बताया कि बहाली कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं। अतिरिक्त टीमें लगाकर तेजी से काम कराया जा रहा है, लेकिन बड़े पैमाने पर हुए नुकसान की भरपाई में अभी कुछ समय और लग सकता है।
हलियापुर, बल्दीराय व इसौली उपकेंद्र सबसे अधिक प्रभावित
हलियापुर, बल्दीराय और इसौली उपकेंद्र क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बल्दीराय उपकेंद्र से जुड़े करीब 50 गांव अब भी अंधेरे में हैं। बिजली न होने से पेयजल संकट, बच्चों की पढ़ाई और छोटे कारोबार तक प्रभावित हो रहे हैं।