चैत्र नवरात्र का शुभारंभ शुक्रवार को प्रथम शक्ति मां शैलपुत्री की आराधना से हुआ। देवी भक्तों ने शैलपुत्री के रूप की मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना की। भक्तों के जय माता दी के उद्घोष से सभी देवी मंदिर गुंजायमान रहे। नौ दिन तक व्रत रखने वाले भक्तों ने घरों में कलश की स्थापना कर पूजा-पाठ किया।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त शुक्रवार भोर चार से दोपहर 12 बजे तक होने के कारण भक्तों ने विधि-विधान से पूजा की तैयारियां की। नौ दिन तक उपवास रखने वाले देवी भक्तों ने कलश की स्थापना कर मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना कर परिवार में खुशहाली की कामना की।
शहर से सटे लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर लोहरामऊ स्थित दुर्गा माता मंदिर में सुबह से ही दूरदराज से देवी भक्त पहुंचने लगे। मां के दर्शन के लिए शुक्रवार को भोर से ही भक्तों की कतार लगने लगी। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में भी देवी मंदोिरों में पूजन अर्चन के लिए भक्तों की भीड़ लगी रही। सभी देवी मंदिरों में दिन भर घंटे-घडिय़ाल व भक्तों के जय माता दी के उद्घोष गूंजते रहे।