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रेलवे स्टेशन पर एक क्विंटल कछुओं के साथ महिला गिरफ्तार

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सुल्तानपुर। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर कुंभ डाउन एक्सप्रेस से कोलकाता जाने की फिराक में खड़ी एक महिला तस्कर को जीआरपी ने बुधवार की सुबह एक क्विंटल कछुओं के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी महिला के पास से तीन गठ्ठर में बंधे कछुए बरामद हुए हैं। बरामद कछुओं को जीआरपी ने वन विभाग की टीम की सुपुर्दगी में दिया है।
बुधवार की सुबह प्लेटफार्म नंबर दो पर जीआरपी के प्रभारी निरीक्षक संजय यादव के नेतृत्व में स्थानीय टीम ने एक महिला को कपड़ों के तीन गठ्ठर के साथ पकड़ा। गठ्ठर की तलाशी लेने पर उसमें से सात जीवित कछुए बरामद हुए।
तीन कछुए अन्य की अपेक्षा बड़े आकार के थे। बड़े कछुओं में प्रत्येक का वजन करीब 20 किलोग्राम बताया जा रहा है। कछुओं के साथ पकड़ी गई महिला को जीआरपी थाने पर लाया गया, जहां उसकी शिनाख्त जब्ती पत्नी छब्बे निवासी कस्बा गांधीनगर थाना जगदीशपुर जनपद अमेठी के रूप में हुई।
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पकड़ी गई महिला ने जीआरपी को बताया कि वह कछुए लेकर कुंभ डाउन एक्सप्रेस से कोलकाता जाने के लिए स्थानीय स्टेशन पर पहुंची थी। इसी बीच पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
उसने कछुए आस-पास के गांव में स्थित तालाबों से पकड़े थे। जीआरपी की सूचना पर क्षेत्रीय वनाधिकारी अमरजीत मिश्र भी स्टेशन पर पहुंचे। कछुुओं का वजन करीब एक क्विंटल बताया जा रहा है।
कछुओं को बरामद करने में जीरआरपी के उप निरीक्षक अविनाश कुमार, सुरेंद्रर सिंह सुनील वर्मा शामिल रहे। क्षेत्रीय वनाधिकारी व वन दरोगा डीके यादव की सुपुर्दगी में कछुए दिए गए।
कछुआ तस्करों का संजाल पूर्वांचल के जिलों के साथ पश्चिम बंगाल तक फैला है। आस-पास के कई जिलों के साथ अमेठी व सुल्तानपुर में नदी के किनारे वाले इलाकों व बड़े तालाबों से कछुओं को पकड़ा जाता है।
इस कार्य में आमतौर पर गरीब लोग लगाए जाते हैं। तस्करों के एजेंट उन्हें एक कछुए के लिए दो से तीन सौ रुपये देते हैं। फिर कछुओं को इकट्ठा कर उन्हें तस्करी के जरिए पश्चिम बंगाल भेजा जाता है। पश्चिम बंगाल पहुंचने पर कछुओं की कीमत बढ़ जाती है।
क्षेत्रीय वनाधिकारी अमरजीत मिश्र ने बताया कि महिला ने बताया कि वह कछुए लेकर कोलकाता जाने की फिराक में थी। अधिक उम्र के बड़े कछुओं की अलग कीमत मिलती है जबकि छोटे कछुओं की कम कीमत मिलती है।
तस्करी करने वालों को एक बड़े कछुए का करीब तीन से पांच हजार रुपये मिलता है। वहीं, छोटे कछुए की कीमत दो से तीन हजार रुपये मिलती है। बरामद कछुओं को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। कोर्ट के आदेश पर कछुुओं को नदी में छोड़ा जाएगा।
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