सुल्तानपुर। ‘इतना संगीन पाप कौन करे, मेरे दुख पर विलाप कौन करे, चेतना मर चुकी है लोगों की, पाप पर पश्चाताप कौन करे’ यह नज्म मशहूर शायर अजहर इकबाल ने अमर उजाला काव्य कैफे में पढ़ी, तो पूरा हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शुक्रवार देर रात तक नामचीन कवियों एवं शायरों की रचनाओं का श्रोता लुत्फ उठाते रहे।
अमर उजाला की ओर से काव्य कैफे का आयोजन पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में शुक्रवार की शाम किया गया। इसौली विधायक मो. ताहिर खां, बीएसए उपेंद्र गुप्ता, सूचना अधिकारी धीरेंद्र यादव, भाजयुमो जिलाध्यक्ष चंदन नारायण सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। कवियत्री मणिका दुबे ने सरस्वती वंदना करते हुए कवि सम्मेलन का आगाज किया। इसके बाद हास्य कवि विकास बौखल ने गुदगुदाती हुई रचनाएं पढ़ीं, जिस पर लोगों ने खूब तालियां बजाई।
कवि प्रियांशु गजेंद्र ने नयनो में तीर या कटार लेके आई हो, इनसे क्या घबराना, दिन तो आते-जाते हैं... समेत कई रचनाएं पढ़ीं। कवियत्री मणिका दुबे ने अपनी रचना ‘मुझको झीलें-नदियां अच्छी लगती हैं, उसको मेरी अंखियां अच्छी लगती हैं’ व शहर के शोर में वीरानियां हैं, यहां तुम हो मगर तनहाइयां हैं, वहीं पर बैठ के अरसा गुजारूं, जहां तेरी-मेरी परछाइयां हैं’ पढ़ीं।
इसके अलावा ‘कोई अनबन कोई शिकवा कोई झगड़ा नहीं होगा, चलो वादा करें अब कोई गुस्सा नहीं होगा’ कविता पर लोगों ने भरपूर तालियां दी। मशहूर शायर अजहर इकबाल ने माइक संभाला तो श्रोताओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। श्रोताओं ने खड़े होकर अजहर इकबाल का इस्तकबाल किया। उन्होंने ‘दया अगर लिखने बैठूं तो होेते हैं अनुवादित राम, रावण को भी नमन किया था, ऐसे थे मर्यादित राम’ समेत कई रचनाएं पढ़ीं।
अंत में कवि स्वयं श्रीवास्तव ने अपनी रचना ‘पत्थर की चमक है न नगीने की चमक है, चेहरे पर सीना तान के जीने की चमक है, पुरखों से विरासत में हमें कुछ नहीं मिला, जो दिख रहा है खून-पसीने की चमक है’ पढ़कर खूब तालियां बटोरीं। देर रात तक श्रोता सभागार में कविता एवं शायरी का आनंद लेते रहे। संचालन केएनआई के असिस्टेंट प्रो. राघवेंद्र त्रिपाठी ने किया।
इस मौके पर सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक अयोध्या मंडल कौस्तुभ कुमार सिंह, कादीपुर नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय मीडिया कोआर्डिनेटर राजेश तिवारी, तहसीलदार सदर देवानंद तिवारी, भाजना नेत्री बबिता तिवारी, व्यापारी नेता रवींद्र त्रिपाठी, भाजपा नेता विकास शुक्ल, पूर्व प्राचार्य डॉ. राधेश्याम सिंह, प्रमोद पांडेय, डॉ. बीपी सिंह, बसपा नेता डॉ. शैलेंद्र त्रिपाठी, शिक्षक नेता रणवीर सिंह, अवनींद्र सिंह, दीपेंद्र सिंह, दिनेश उपाध्याय, संतोष सिंह प्रतापगढ़ी, बृजेश वर्मा, राकेश सिंह पालीवाल, सीए संतोष सिंह, सीए सुनील शर्मा, जीआईसी के पूर्व प्रिंसिपल एके सिंह, विजय कुमार सिंह, केशव प्रसाद सिंह, कांती सिंह, सपा नेता तेजेंद्र सिंह बग्गा समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इनका रहा सहयोग
अमर उजाला काव्य कैफे के आयोजन में एस राज ज्वेल्स, शेम्फोर्ड फ्यूचरिस्टिक स्कूल, श्री विश्वनाथ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, सेंट जेवियर्स स्कूल, साधना एक्वा, हिंद अलमीरा, लिटिल फ्लावर्स स्कूल, सनबीम स्कूल, जीडी गोयनका स्कूल, रतनदीप हीरो, खान टेलर्स और विधायक राज प्रसाद उपाध्याय का सहयोग रहा। हॉस्पिटैलिटी के लिए गॉर्डेन व्यू गेस्ट हाउस ने सहयोग किया।