भदैंया। किसानों ने खेत में काटकर रखी भीगी धान की फसल को सुखाना शुरू कर दिया है। पांच दिन बाद रविवार को धूप खिली तो किसान अपने परिवार के साथ धान की बची खुची फसल को सहेजने के लिए खेत में पहुंचे। वहीं, राजस्व विभाग की टीम फसल नुकसान का सर्वे कर रही है।
रविवार को कई दिन धूप निकलने से किसानों को काफी राहत मिल गई। लगातार बारिश के बाद किसान अपनी धान की फसल को सुखाने और सड़ने से बचाने के लिए खेतों में पहुंच रहे हैं। किसान अपनी भीगी हुई धान की फसल को मेड़ों पर रखकर या पलटकर सुखा रहे हैं।
भदैंया विकास खंड के पखरौली और धरौली गांव के काफी किसान खेतों में फसल सुखाने पहुंचे। बारिश के कारण किसानों को अतिरिक्त मजदूरों का खर्च उठाना पड़ रहा है। जिससे किसानों के धान की लागत बढ़ गई है। छोटे किसान अपने बच्चों के साथ मिलकर इस काम में जुटे हैं। किसान गया प्रसाद, राहुल मिश्र, योगेश मिश्र और चंदन त्रिपाठी जैसे कई किसान नुकसान से बचने के लिए धान को पलटने और सुखाने में दिन भर लगे रहे।
फसल नुकसान का किया जा रहा आकलन
राजस्व अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि बारिश से हुए फसल के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आकलन रिपोर्ट तैयार कर मुआवजे के लिए शासन को भेजी जाएगी।
12 बीघा फसल हुई बर्बाद
डींगुरपुर बनकेगांव निवासी सुरेश वर्मा ने बताया कि छह बीघा धान की फसल काटकर सूखने के लिए खेत में ही रखी थी। बारिश से धान जमना शुरू हो गया है। करीब 12 बीघे धान की खड़ी फसल खेतों में गिरकर खराब हो गई है। दो-तीन दिन अच्छी धूप हो गई तो नुकसान कुछ कम हो सकता है। अन्यथा दाने काले पड़ जाएंगे।
धान और गन्ना दोनों का हुआ नुकसान
छेदुवारी निवासी ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि बारिश के चलते करीब 25 बीघा धान की फसल गिर जाने से काफी नुकसान हुआ है। करीब 10-12 बीघे गन्ने की फसल भी गिर गई है। गन्ना गिरने से जंगली जानवर तो फसल का नुकसान करेंगे, ऐसे में वजन कम होने से पैदावार प्रभावित होगी। मौसम की मार से काफी नुकसान हुआ है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि रविवार को अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.0 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें 1.8 डिग्री की बढ़त दर्ज की गई। आगामी 24 घंटे में हल्के बादल छाए रहने और वर्षा नहीं होने की संभावना है।