कूरेभार क्षेत्र में सूखी पड़ी शारदा सहायक खंड-16 नहर।
द्वारिकागंज। शारदा सहायक खंड-16 की जुड़वां नहरों में पानी का अभाव है। वहीं, साधन सहकारी समितियों से डीएपी नदारद है। रबी का सीजन शुरू होते ही किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। किसान दिन भर समितियों के चक्कर काट रहे हैं।
नहरों में पानी नहीं होने से किसान परती भूमि की नमी को लेकर हलकान हो रहे हैं। किसान परती पड़े खेतों में आलू, चना, मटर, मसूर, सरसों आदि फसलों को बोआई करना चाहते हैं। उन्हें इन फसलों की बोआई के लिए डीएपी उर्वरक की आवश्यकता है। खाद नहीं मिलने से किसान चिंतित हैं। किसान आधी-अधूरी नमी पर आलू, चना, मटर, मसूर व सरसों की बोआई के लिए डीएपी तलाश रहे हैं। आसपास की समितियों से खाद नदारद है।
सोनारा गांव के अनिल बताते हैं कि आलू का बीज खरीद लिए हैं। खाद के अभाव में बोआई नहीं हो पा रही है। भटपुरा गांव निवासी राजेश ने बताया कि दो बीघा मटर की बोआई के लिए खेत तैयार कर लिया है। बीज भी खरीद लिया है, लेकिन खाद नहीं मिल रही है। बोआई पिछड़ने से पैदावार पर असर पड़ेगा। एआर कोऑपरेटिव अंजनी कुमार ने बताया कि जिन समितियों पर खाद नहीं, वहां जल्द ही भेजी जाएगी।
सिल्ट सफाई का चल रहा कार्य
इस समय नहरों में सिल्ट सफाई का कार्य चल रहा है। सिल्ट सफाई का कार्य पूरा होने के बाद नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। - शरद कुमार, अधिशासी अभियंता खंड-16