लंभुआ (सुलतानपुर)। क्षेत्र के लोटिया माइनर में दूल्हापुर गांव के पास मंगलवार देर रात माइनर की पटरी में अज्ञात कारणों से कटान हो गई। रात भर माइनर का पानी खेतों में जाता रहा। सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद कटान स्थल को बंधवाया गया। कटान होने से करीब 27 बीघे फसल जलमग्न हो गई।
तीन दिन पहले क्षेत्र से होकर गुजरी चांदा रजबहा से निकली लोटिया माइनर की जेसीबी से खोदाई करवाई गई थी। नहर में पानी का दबाव बढ़ा तो मंगलवार देर रात दूल्हापुर गांव के पास माइनर की पटरी कट गई। इससे नौ किसानों की 27 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई।
कटान की वजह से लालजी पांडेय की चार बीघा, शेर बहादुर सिंह की दो बीघा, भारत सिंह की दो बीघा, राम आसरे सिंह की तीन बीघा, राम प्रसाद शुक्ल की दो बीघा, देवी सिंह की दो बीघा, समरबहादुर सिंह की चार बीघा, राजबहादुर सिंह की छह बीघा व छोटे लाल मिश्र की दो बीघा धान की फसल डूब गई।
किसान शेर बहादुर सिंह ने बताया कि अभी दो-चार दिन पहले ही धान की रोपाई की गई थी। यदि मौसम ने साथ न दिया और पानी खेत में भरा रह गया तो मेहनत बेकार चली जाएगी। मजदूरी, धान के बीज व पानी की कीमत का नुकसान तो होगा ही, फसल पिछड़ने से उपज पर भी प्रभाव पड़ेगा।
बुधवार सुबह ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के शिविर कार्यालय पर माइनर कटने की जानकारी फोन से दी तो नहर विभाग के अफसर हरकत में आ गए। करीब साढ़े 10 बजे पहुंचे मजदूरों ने लगभग एक घंटे की मेहनत के बाद पटरी को फिर से दुरुस्त कर दिया।
एसडीओ संतोष कुमार ने बताया कि माइनर के कुलाबे को किसी ने ज्यादा पानी के चक्कर में काट दिया था। इससे माइनर की पटरी कट गई थी। फिलहाल पटरी को दुरुस्त कर लिया गया है।