लंभुआ में गाय को केला खिलाते स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती। स्रोत-सोशल मीडिया
लंभुआ (सुल्तानपुर) । स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने लंभुआ में अपने रात्रि प्रवास के दौरान कहा कि पूरे देश की यह आकांक्षा है कि गाय को पशु न कहकर गाय माता कहा जाए और माता जैसा उनसे व्यवहार भी किया जाए। हमने गोसेवा और गोरक्षा का जो अभियान छेड़ा है, वह देशव्यापी अभियान हो गया है।
उन्होंने कहा कि देश को मतदाता बनाते हैं, कोई पार्टी कोई नेता नहीं बनाता है। मतदाता यदि सही उद्देश्य के लिए वोट करें, तो हर पार्टी के लिए उद्देश्य पूरा करना मजबूरी हो जाएगी। पशु आश्रय स्थलों की बात पर उन्होंने कहा कि आप कागजों पर देखेंगे तो गाय बहुत सुखी रूप में रह रही है, लेकिन मौके पर जाएंगे तो बदहाल व्यवस्था में पाएंगे। वर्तमान सरकार की कथनी कुछ और है करनी कुछ और है। जब कथनी और करनी में अंतर आता है, तो हमारा समाज उसका सम्मान नहीं करता।
कहा कि गोमाता की रक्षा एक सनातनी के लिए प्रथम कर्तव्य है। हर सनातनी के घर में जब रोटी बनती है, तो उसकी पहली रोटी सिर्फ गाय के लिए होती है। आपके वोट में वह ताकत है कि चाहे गाय को बचा लो, चाहे गाय को कटवा दो। आप अपना वोट गाय को बचाने के लिए करिए। इस अवसर पर दिनेश त्रिपाठी, अजय जायसवाल, अतेंद्र जायसवाल, रमेश द्विवेदी, डॉ. राम अभिलाख त्रिपाठी, सौरभ, शिवम त्रिपाठी, शिवम अग्रहरि, रामतीर्थ साहू आदि मौजूद रहे।