ग्रामीणों के अनुसार विकास अपने माता-पिता के साथ लुधियाना में रहते थे। वहीं उनकी मुलाकात अयोध्या के इनायतनगर निवासी युवती से हुई थी। युवती के परिवार के लोग भी लुधियाना में ही रहते थे। करीब एक वर्ष पहले विकास के पिता रामनिधि की लकवा की वजह से तबीयत खराब हो गई थी। इसके बाद विकास अपने माता-पिता के साथ गांव आ गए। कुछ दिनों बाद विकास की मां की भी मौत हो गई। इस बीच युवती भी लुधियाना से अपने घर लौट आई। वह अक्सर विकास से मिलने के लिए उनके दोस्त जयसिंह चौरसिया के गांव पूरे बरई मजरे हैंघनकला आती थी। 24 दिसंबर की शाम भी उसे हैंघनकला गांव में देखा गया था।
जयसिंह की ससुराल पाराताजपुर में है। गांव से दूरी करीब 15 किमी है। विकास और जयसिंह के गांव के बीच की दूरी महज दो किमी है। 24 दिसंबर की शाम तीनों एक साथ पाराताजपुर के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि मंगलवार और बुधवार को विकास और उसकी प्रेमिका जयसिंह की ससुराल में ही रुके थे। बृहस्पतिवार को प्रेमिका का शव पाराताजपुर के कस्तूरबा विद्यालय के पास बोरी में बंद मिला। इसके बाद पता चला कि रात में प्रेमिका ने ही विकास पर धारदार हथियार से हमला किया था। दोस्त जयसिंह ने उसे इलाज के लिए पहले लखनऊ के एक निजी अस्पताल में और फिर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जयसिंह ने ही मामला छिपाने के लिए दोस्त की प्रेमिका का शव बोरी में भरकर कस्तूरबा विद्यालय के पास फेंक दिया था। अब विकास और उसकी प्रेमिका दोनों जीवित नहीं हैं। ऐसे में बुधवार रात असल में क्या हुआ था, ये सच उनकी मौत के साथ दफन हो गया।
सूरत में नौकरी करता है भाई पंकज
विकास का भाई पंकज सूरत में नौकरी करता है। गांव में पंकज की पत्नी, पिता और छोटी बहन प्रीती रहती है। बड़ी बहन राजकुमारी की शादी हो चुकी है।