सुल्तानपुर। अनी बुलियन कंपनी में मोटी रकम निवेश कराकर लोगों को ठगने वाला कंपनी का एमडी अपनी पत्नी व अन्य परिवारीजनों को बचाने के लिए हर हथकंडा अपना रहा है। कंपनी के एमडी ने प्रयागराज में बनवाए गए शपथपत्र में कहा है कि कंपनी में उसकी पत्नी और अन्य परिवारीजनों का कोई सहयोग नहीं है और न ही उनका इससे कोई लेना-देना है।
अनी बुलियन कंपनी के एमडी अजीत गुप्ता ने निवेशकों को फंसाने के लिए मायाजाल फैलाया था। बाकायदा उसने अपनी पत्नी निहारिका सिंह की सत्ता के गलियारे में पहुंच और रसूख को दिखाकर लोगों को फंसाया।
इसका खुलासा तब हुआ जब लोग कंपनी के एमडी अजीत गुप्ता समेत अन्य लोगों से तगादा करने लगे। इसके बाद लखनऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या में ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज होने लगे। तब अजीत गुप्ता ने बचाव के रास्ते की तलाश शुरू की।
अजीत गुप्ता ने प्रयागराज में एक शपथपत्र बनवाया है जिसमें उसका कुबूलनामा है कि आई विजन, इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के खाता धारक शेयर होल्डर या निवेशकों की जो भी बकाया धनराशि है, उसे देने की गारंटी लेता है।
इसके साथ ही आई विजन, अनी बुलियन ट्रेडर और अनी बुलियन ट्रेडर्स में निवेशकों ने जो निवेश किया है। उस धनराशि को उसने विभिन्न व्यापारों के विस्तार के लिए प्रयोग में लिया है। इसलिए इसके सभी बकायेदारों के भुगतान की जिम्मेदारी लेता है। सबसे अहम बात इस शपथ पत्र में यह है कि उसने कहा है कि मेरे परिवार के किसी भी सदस्य भाई, बहन, पिता और पत्नी या अन्य सगे संबंधियों और रिश्तेदारों का इससे कोई सरोकार नहीं है।