श्रीराम कथा में साध्वी ऋतंभरा का स्वागत करते सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय।
जयसिंहपुर (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के ढेमा स्थित एक निजी कॉलेज में चल रही तीन दिवसीय रामकथा का शुक्रवार को समापन हो गया। साध्वी ऋतंभरा ने श्रीलंका से अयोध्या तक की रामकथा का मार्मिक वर्णन किया।
कथा में प्रवचन करते हुए साध्वी ने कहा कि विभीषण ने राम का साथ देकर मानवता की मिसाल पेश की। राम का आदर्श राम की महिमा सब राम से ही है। लंका विजय के बाद जब अयोध्या में राज्यसभा बैठी तो वहां हनुमानजी से प्रसन्न होकर माता-सीता ने अपनी मोतियों की माला उन्हें सौंप दी।
हनुमानजी ने मोतियों की माला तोड़-तोड़ कर फेंकना शुरू कर दिया। विभीषण ने उनको भला बुरा कहकर माला तोड़ने का कारण पूछा तो कहा कि इन मोतियों में मैं अपने प्रभु राम को ढूंढ़ रहा हूं। इसमें दिख नहीं रहे हैं। बाद में उन्होंने अपने सीने को फाड़कर लोगों को भगवान का दर्शन कराया। यह भक्त और भगवान के विश्वास का मामला था। साध्वी ने महाकुंभ का जिक्र किया। कहा कि यह दिव्य व भव्य कुंभ सदियों तक याद किया जाएगा।
उन्होंने युवाओं से सनातन के प्रचार-प्रसार का आह्वान किया। कथा के अंत में आयोजक केआर राय और सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने साध्वी का स्वागत किया। इस मौके पर सुल्तानपुर विधायक विनोद सिंह, जितेंद्र शुक्ल, पूजा शुक्ला, रत्नेश, गुड्डु उपाध्याय, रमेश, रामजनम, राकेश आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।