क्षेत्र के रैपुरा गांव में स्थित बाबा जिन्नात शाह की मजार पर सोमवार की रात सालाना उर्स में भीड़ उमड़ी। दूरदराज से आए जायरीनों ने मजार पर मत्था टेक समाज व देश की भलाई के लिए दुआएं मांगी। रात भर चली कव्वाली का दर्शकों ने जमकर लुत्फ उठाया।
बाबा जिन्नात शाह की मजार पर आयोजित उर्स में आसपास के हिंदू-मुस्लिम समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दूरदराज से आए जायरीनों ने मजार चादर चढ़ा मुल्क के अमन-चैन की दुआ मांगी। समाज एवतं देश की सलामती के ीलिए लोगशों बाबा जिन्नात शाह से मनौती मांगी। फैजाबाद से आए कव्वाल कयूम दीवाना ने ‘वाकिफ नहीं है दुनिया मुझ जैसे कलंदर से, कतरा ही सही लेकिन रिश्ता है समंदर से’ कव्वाली पेश कर समां बांध दिया। सुल्तानपुर के कव्वाल बसारत वारिसी ने ‘जिन्नात शाह संवरिया जरा मुखड़े से चदरिया हटाई देते ना, अपनी मोहनी सुरतिया देखाई देते ना’ कव्वाली प्रस्तुत करके दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
कार्यक्रम के आयोजक बाबा रामचंद्र ने आगंतुकों के प्रति आभार जताया। इस मौके पर प्रधान जगत बहादुर यादव, राम कृपाल द्विवेदी, मुन्ना पाठक, कुक्कू शुक्ला, विजय प्रसाद तिवारी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।