पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति
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गैंगरेप के मामले में लखनऊ जेल में सजा काट रहे पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को आचार संहिता का उल्लंघन करने के केस में बरी करने के जिले के एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले के खिलाफ सरकार अपील करेगी। अपील दाखिल होने पर पूर्व मंत्री की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के खिलाफ अमेठी कोतवाली में 28 जनवरी 2012 को तत्कालीन कोतवाल अमरेंद्र बाजपेयी ने आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज कराया था। पुलिस का आरोप था कि गायत्री प्रजापति ने नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर आचार संहिता का उल्लंघन किया था।
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मामले की सुनवाई कर रहे एमपी-एमएलए की विशेष अदालत के मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव ने सात अप्रैल 2023 को गायत्री प्रजापति को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। ट्रायल कोर्ट से बरी करने के आदेश के खिलाफ सरकार अपील दाखिल करने की तैयारी में है।
विशेष लोक अभियोजक कालिका प्रसाद मिश्र ने बताया कि शासन ने उन्हें अपील दायर करने का निर्देश दिया है। आरोपों, साक्ष्यों व निर्णय का गहन अध्ययन करके सक्षम न्यायालय में अपील दायर की जाएगी।