सुल्तानपुर। उधारी की रकम हड़पने की नीयत से करीब 12 साल पहले युवक की धारदार हथियार से हत्या कर शव को छिपाने सहित अन्य आरोपों से जुड़े मामले में एडीजे पंचम राकेश यादव की अदालत ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी मुसाहिब अली व अरविंद सरोज को हत्या सहित अन्य अपराध में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। वहीं, अदालत ने सहआरोपी मो. नईम को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
प्रतापगढ़ जिले के चंदुआडीह गांव के रहने वाले वादी खुर्शीद खान ने सात अक्टूबर 2014 की घटना बताते हुए अमेठी जिले के पीपरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप के मुताबिक पीपरपुर थाने के केशापट्टी गांव के मुसाहिब अली, कोहड़ौर थाने के आमारी गांव के अरविंद सरोज व खजुरी गांव के मोहम्मद नईम और अन्य लोगों का आपस में उठना-बैठना था। वादी के आरोप के मुताबिक अच्छे संबंध होने की वजह से मुसाहिब अली ने उनके चचेरे भाई इमरान से गाड़ी खरीदने के लिए 1.35 लाख रुपये उधार लिए थे, जिसे बकरीद के समय पर चुकता करने का भरोसा दिया था।
आरोप के मुताबिक तीनों आरोपियों ने साजिश के तहत बकरीद के त्योहार पर इमरान को धोखे से बुलाया और धारदार हथियार से उसकी हत्या कर शव को मुसाहिब अली के घर में छिपा दिया। तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी पेश किया गया। मामले की सुनवाई एडीजे पंचम की अदालत में चला। जहां पर सुनवाई के बाद अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई, जबकि एक को बरी कर दिया है।