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Sultanpur News: राहुल गांधी मानहानि केस में रिवीजन याचिका दाखिल, एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश को दी गई चुनौती

Thu, 21 May 2026 05:10 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, सुल्तानपुर

सार

सुल्तानपुर में राहुल गांधी मानहानि केस में रिवीजन याचिका दाखिल की गई है। सेशन कोर्ट में एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। मामले में 17 जून को अगली सुनवाई होगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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राहुल गांधी - फोटो : यूट्यूब (Rahul Gandhi)
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विस्तार
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यूपी के सुल्तानपुर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में नया मोड़ आ गया है। भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता ने निचली अदालत के एक आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय (सेशन कोर्ट) में निगरानी याचिका (रिवीजन) दाखिल की है।

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राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि परिवादी विजय मिश्र ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें साक्ष्य के तौर पर कुछ सैंपल लेने की उनकी मांग खारिज कर दी गई थी। यह निगरानी याचिका वर्तमान में एडीजे पंचम की अदालत में विचाराधीन है।

मामले में अगली सुनवाई 17 जून को होगी

एडीजे कोर्ट ने इस निगरानी याचिका पर सुनवाई के लिए 30 मई 2026 की तारीख तय की है। कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी पत्रावली भी तलब की है। इस बीच मूल मानहानि मुकदमे की अगली सुनवाई 17 जून को कोर्ट में होगी। यह निगरानी याचिका निचली अदालत के दो मई के आदेश के खिलाफ दायर की गई है। दरअसल, दो मई को परिवादी के अधिवक्ता की ओर से साक्ष्य के तौर पर सैंपल लेने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। 

अधिवक्ता संतोष पांडेय ने उस आदेश की सत्य प्रतिलिपि न मिलने का हवाला देते हुए रिवीजन दायर करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था। मानहानि का मामला भाजपा नेता विजय मिश्र ने अक्तूबर 2018 में दर्ज कराया था। इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। 

एमपी/एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया था

राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को एमपी/एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे। 

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इससे पहले 20 फरवरी को भी राहुल गांधी ने एमपी/एमएलए कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। कोर्ट ने उन्हें अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा था। हालांकि, राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कोर्ट में कोई सफाई या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

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