सुल्तानपुर। बल्दीराय क्षेत्र के इसौली में बृहस्पतिवार रात 16वीं मुहर्रम का कदीमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। पूरी रात नौहा मातम का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान आपसी सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देखने को मिली।
मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना आसिम जैदी ने कहा कि दीन-ए-इस्लाम की हिफाजत में हजरत अबूतालिब और उनकी औलाद की अहम भूमिका रही। उन्होंने कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन के साथ 18 औलाद-ए-अबूतालिब की कुर्बानी का उल्लेख किया। मौलाना असगर नकी ने कहा कि इमाम हुसैन इंसानियत, न्याय और कुर्बानी के प्रतीक हैं। जुलूस का संचालन मौलाना सुहेल रिजवी ने किया।
अंजुमन अब्बासिया फैजाबाद, रौनक-ए-अजा बाराबंकी, सिपाहे हुसैनी भननौली, यादगार-ए-हुसैनी वलीपुर और लश्करे अब्बास इसौली ने नौहा मातम किया। शुक्रवार सुबह जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। इस मौके पर शाकिर अब्बास, सरवर हुसैन, आजम अली सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।