सुल्तानपुर। लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर फोरलेन सड़क निर्माण सामग्री गिरने व हाईवे पर फैली गिट्टी व मिट्टी से लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है। ट्रैक्टरों व डंपरों से ईंट व मिट्टी लादकर फर्राटे भर रहे वाहनों के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहन नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल व राज्य सरकार के निर्देशों को दरकिनार कर खुलेआम प्रदूषण फैला रहे हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि भवन निर्माण वाले स्थलों तथा सड़कों पर निर्माण सामग्रियों को ढोने वाले वाहनों और निर्माणाधीन सड़कों पर वाहनों पर लदी सामग्री ढककर सावधानी पूर्वक ले जाई जाय, जिससे लोग धूल व गुबार की चपेट मे न आ सकें।
पर्यावरण मंत्रालय ने भी इस संबंध में ऐसा ही निर्देश दिया है। इन दिनों लखनऊ-वाराणसी फोरलेन हाईवे निर्माण में इन निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। रोजाना निर्माणाधीन हाईवे पर सैकड़ों की संख्या मे डंपर मिट्टी, गिट्टी, राबिश व सड़क निर्माण सामग्री लेकर सड़कों पर प्रदूषण फैला रहे हैं।
साथ ही पुरानी आवाजाही वाली सड़क पर काम नहीं हो रहा है। इससे पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। महानपुर, हनुमानगंज कस्बा व ब्लॉक मुख्यालय पर रास्ते की हालत बदतर हो गई है।
सबसे ज्यादा दिक्कत बाइक सवारों को है, जो सड़क पर बिखरी गिट्टी पर फिसलकर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत व हाईवे पर बिखरी गिट्टियों को हटवाए जाने की मांग की है।