सुल्तानपुर। रिश्वतखोरी का ऑडियो वायरल होने पर एआरएम ने रोडवेज के टीआई को अयोध्या के लिए कार्यमुक्त कर दिया है। मामले में दोषी पाए गए दो परिचालकों की संविदा समाप्त कर दी गई है। आरएम अयोध्या श्वेता सिंह ने टीआई जेपी सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से रोडवेज में हड़कंप मचा है।
जिले से अयोध्या के लिए संचालित एक अनुबंधित बस पिछले 28 सितंबर को केएनआईपीएसएस होते हुए जा रही थी। रोडवेज के टीआई (सहायक यातायात निरीक्षक) जेपी सिंह ने द्वारिकागंज के पास इस बस का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में बस के संविदा परिचालक राजकरन यादव ने 22 टिकट बनाया था, जबकि 18 यात्रियों का टिकट नहीं बना था।
इस पर टीआई जेपी सिंह ने परिचालक को चेतावनी देकर छोड़ दिया था। आरोप है कि एक अन्य संविदा परिचालक पवन शुक्ल, संविदा परिचालक सुधाकर मिश्र व संविदा परिचालक समीर पांडेय की परिचालक राज करन यादव के बीच वार्ता हुई थी। इसमें परिचालक राजकरन यादव से एक बोतल शराब व दो हजार रुपये टीआई जेपी सिंह की ओर से लेने का ऑडियो वायरल हो गया था।
एआरएम अरविंद यादव ने बताया कि मामला वायरल होने के बाद जांच कराई गई। जांच में दोषी पाए जाने पर परिचालक राजकरन यादव व पवन शुक्ल की संविदा समाप्त कर दी गई है। इसके साथ टीआई जेपी सिंह को अयोध्या के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आरएम अयोध्या श्वेता सिंह ने टीआई जेपी सिंह को निलंबित कर दिया है।