सुल्तानपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवनीत सिंह की अदालत ने असलहा बरामदगी से जुड़े मामले में शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी अख्तर को तीन साल के कारावास व 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट की गंभीरता से साक्ष्य की कार्यवाही मात्र 57 दिन में पूरी हुई और फैसला भी आ गया।
कोतवाली नगर की तत्कालीन उप निरीक्षक वंदना अग्रहरि ने 23 अक्तूबर 2025 की घटना बताते हुए अन्नू चौराहा-खैराबाद निवासी आरोपी अख्तर के पास से अवैध असलहा बरामद बताते हुए उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा में कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोपी अख्तर की गिरफ्तारी शहर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास से बताई गई थी। इस मामले में आरोपी अख्तर के खिलाफ पुलिस ने अदालत में 26 फरवरी को चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद प्रकरण में ट्रायल शुरू हुआ।
इस मामले में ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी ने साक्ष्यों एवं गवाहों को पेश किया और आरोपी को दोषी ठहराकर दंडित किए जाने की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपी को बेकसूर बताया था। सीजेएम नवनीत सिंह की कोर्ट की सक्रियता से मामले का विचारण मात्र कुछ महीनों में पूरा हो गया। सीजेएम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए दोषी को सजा सुनाई है।